आगरा में फतेहपुर सीकरी में आलू की फसल में हुए नुकसान के सदमे से सुपहरा गांव के किसान सुशील कुमार मोदी (48) की मौत हो गई। 22 मार्च को तबियत बिगड़ने पर घरवाले उन्हें इलाज के लिए दिल्ली लेकर गए थे।
बटाई पर ली थी जमीन
किसान की पत्नी सुशीला देवी ने बताया कि सुशील कुमार मोदी के पास करीब 12 बिस्वा जमीन है। उन्होंने अन्य किसानों से 15 हजार रुपये प्रति बीघा के हिसाब से बटाई पर 15 बीघा खेत लेकर आलू की फसल की थी। जिसमें करीब 3,75,000 रुपये की लागत आई थी। बंटाई और लागत मिलाकर करीब 6 लाख रुपये आलू की फसल में खर्च हुए थे। जब आलू की खुदाई कराई तो आलू कुल डेढ़ लाख रुपये का ही पैदा हुआ। इस नुकसान के सदमे में आए किसान सुशील कई दिनों से परेशान चल रहे थे।
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22 मार्च को अचानक उनकी हालत बिगड़ गई और ब्रेन हेमरेज का अटैक पड़ा। परिजन उन्हें लेकर आगरा हॉस्पिटल गए, जहां से दिल्ली रेफर कर दिया गया। परिजन दिल्ली के सफदरगंज हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जरी विभाग में उन्हें भर्ती कराए थे, जहां उपचार के दौरान 27 मार्च की सुबह उनकी मौत हो गई। प्रधान प्रतिनिधि डब्बू सोलंकी ने भी बताया कि आलू में हुए नुकसान के सदमे से ही किसान की तबियत बिगड़ी थी। इलाज के दौरान मौत हो गई।
मौत पर नाराजगी
पूर्व जिला पंचायत सदस्य जनक सिंह लोधी ,महावीर सिंह वर्मा ,जानकी प्रसाद, हीरो सिंह, सुरेश चंद्र, जगन सिंह लोधी, ओम प्रकाश, राम चरण आदि ने आलू की खेती में हुए नुकसान के सदमे में किसान पर नाराजगी जताई है। सरकार से पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद, किसानों को शीतगृह के भाड़े पर अनुदान देने की मांग की है।