अजीतगंज(मैनपुरी)। क्षेत्र का एक किसान ने फसलों की पैदावार के बल पर बेटी के हाथ पीले करने का सपना देखा था। ऐन वक्त पर फसल की पैदावार भी कम हुई और दूसरी फसल को आवारा पशुओं ने खेत में ही बरबाद कर दिया। विवाह में होने वाले खर्च की व्यवस्था को लेकर किसान सदमे में आ गया और रविवार को दिल का दौरान पड़ने से उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि किसान शादी खर्च को लेकर बेहद चिंतित थे। वह दबाव महसूस कर रहे थे।
थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव पर्वतपुर निवासी 57 वर्षीय किसान धन सिंह के पास सात बीघा जमीन है। परिजनों के अनुसार धान और बाजरा की पैदावार के बल पर उन्होंने अपनी बेटी की शादी भी तय कर दी थी। शादी की तारीख नजदीक आने लगी थी, वहीं इस पर खर्च होने वाले धन की व्यवस्था को लेकर किसान मंडी के व्यापारियों से संपर्क में थे। वह फसल को बेच पाते इससे पहले ही आवारा पशुओं ने फसल को बरबाद कर दिया। वहीं, धान की पैदावार भी बेहद कम हुई। अब फसल से उम्मीद खत्म हो चुकी थी। वहीं बेटी की शादी के लिए धन की आवश्यकता किसान को परेशान किए जा रही थी।
रविवार की दोपहर किसान के सीने में अचानक दर्द हुआ और देखते ही देखते सांसे थम गईं। परिजनों ने बताया कि फसल की बरबादी और बेटी की शादी की चिंता में ही किसान की सदमे से मौत हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।