शिकायती पत्र के मुताबिक, गढ़ी रामफल के सत्यप्रकाश ने लेखपाल सतेंद्र सिंह पर घूसखोरी का आरोप लगाया। 8 जून, 2026 को जिलाधिकारी मनीष बंसल को वीडियो साक्ष्य देने के बाद लेखपाल को निलंबित कर दिया गया। निलंबन के बाद लेखपाल और अवैध कब्जेदारों ने रंजिश माननी शुरू कर दी।
ये भी पढ़ें - BPSC 70th Final Result: पहले ही प्रयास में फतह, अंजली चौधरी बनीं मिसाल; परिवार और क्षेत्र में खुशी की लहर
एक साजिश के तहत 12 जून को चौकी इंचार्ज सुनील दीक्षित ने सत्यप्रकाश के भाई अशोक के मोबाइल पर फोन किया। शिकायतें बंद करने के लिए कहा और चौकी पर बुलाया। सत्यप्रकाश का आरोप है कि 19 जून को चौकी पहुंचने पर उन्हें डेढ़ घंटे तक बैठाए रखकर धमकाया गया।
ये भी पढ़ें - UP: चार गोलियां लगीं, फिर भी दबोच लिया एक हमलावर; अधिवक्ता के भाई की बहादुरी सीसीटीवी में हुई कैद
पुलिस ने उनसे जबरन लिखवाया कि वे खेत पर कोई निर्माण नहीं करेंगे। शिकायत पर एसीपी फतेहाबाद को मामले की जांच कर 7 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं इस मामले में एसडीएम सचिन राजपूत ने बताया कि शिकायत की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।
ये भी पढ़ें - भीषण गर्मी का कहर: गर्मी से आ रहे चक्कर, उल्टी-दस्त और सिर में हो रहा दर्द; एसएन में बढ़ी मरीजों की भीड़