वृद्ध की मौत के बाद पूरा परिवार दुखी था। पोस्टमार्टम हुआ और फिर परिवार के लोग लाश भी घर ले आए। यहां अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी, तभी वृद्ध वहां आ पहुंचा। ये देख मौके पर मौजूद लोग हैरान रह गए। हालांकि परिवार के लोगों में खुशी दौड़ गई, लेकिन सवाल ये था कि जिस लाश को वो लाए, वो किसकी थी?
मैनपुरी के भोगांव थाना क्षेत्र के गांव चंदरपुर निवासी वृद्ध की सड़क हादसे में मौत की खबर आने के बाद परिजन बिलख रहे थे, तभी अचानक वृद्ध सामने आ गए। वृद्ध को जीवित देख परिजनों के होश उड़ गए। गलत पहचान के चलते पुलिस ने किसी अन्य के शव का पोस्टमार्टम करा दिया। पुलिस ने शिकायत दर्ज कराने वाले वृद्ध के भतीजे को पूछताछ के लिए थाने में बैठाया है।
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गांव चंदरपुर निवासी देवी दयाल (65) रविवार को गांव सुलखनपुर एक रिश्तेदारी में गए हुए थे। रात को वह घर वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने सोचा कि वह रिश्तेदारी में रुक गए होंगे। सोमवार की सुबह परिजनों को सूचना मिली कि वृद्ध सड़क हादसे का शिकार हुए हैं और शव गांव छाछा के पास पड़ा हुआ है। रोते बिलखते परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए।
मृतक के भतीजे नरेंद्र सिंह ने पहचान की। जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस नें शव का पोस्टमार्टम भी करा दिया। लेकिन इस बीच अचानक देवी दयाल अपने घर आ पहुंचे। उन्हें जीवित देख कर परिजनों के होश उड़ गए। पहले तो आंखो पर यकीन नहीं हुआ। देवी दयाल ने बताया कि बारिश होने की वजह से वह रिश्तेदारी में ही रुक गए थे।
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पुलिस को जब पता चला कि वृद्ध जीवित है और परिवार के लोगों ने किसी और की शिनाख्त की है तो बड़ा सवाल ये खड़ा हो गया कि आखिर वो लाश किसकी है, जिसे घरवालों को दे दिया गया था। पुलिस ने शिकायत दर्ज कराने वाले भतीजे को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है।