दीवार पर पोस्टर चस्पा करता सिपाही का भाई
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के फतेहपुर सीकरी के गांव बैमन निवासी सिपाही लोकेंद्र सिंह चाहर का शव आठ मार्च को अलीगढ़ के एक होटल में मिला था। परिवार के लोग लोकेंद्र की साजिश के तहत हत्या की आशंका जाहिर कर रहे हैं। इसको लेकर परिजनों ने शनिवार को बाइक रैली निकाली। वहीं अब जगह-जगह पोस्टर चस्पा करके जांच की मांग कर रहे हैं।
फतेहपुर सीकरी के गांव बैमन निवासी महेश चाहर ने बताया कि उनके भाई लोकेंद्र सिंह चाहर 2018 बैच के सिपाही थे। वह अलीगढ़ के पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात थे। उनका शव होटल के कमरे में मिला था। उन्हें पुलिस ने बताया कि फांसी पर लटके मिले हैं। मगर, जब तक वो पहुंचे लोकेंद्र के शव को उतारा जा चुका था।
परिजनों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लोकेंद्र सिंह चाहर की मौत का कारण फांसी लगने से मौत आया है। मगर, उसका शरीर नीला पड़ा हुआ था। इससे हत्या की आशंका है। वह तहरीर दे चुके हैं। मगर, कोई कार्रवाई नहीं की गई है। शनिवार को उन्होंने बाइक रैली निकाली थी।
ग्रामीणों के साथ नारौल, जैंगारा, हीरामन नगला, बघा, सोनिगा आदि गांवों से होकर निकले। इस मामले में राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह से भी मिले। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मिलकर जांच कराने का आश्वासन दिया है। रैली में धीरेंद्र चाहर, बृजेश चाहर, महेश चाहर, सत्यवीर सिंह, जीतू कहरवार आदि शामिल रहे।
उधर, रविवार को महेश चाहर ने देहात और शहर में कई जगह पोस्टर चस्पा किए। इनमें बोदला, शाहगंज, एमजी रोड, आईएसबीटी आदि शामिल हैं। इसमें भाई को न्याय दिलाने की गुहार लगाई। पोस्टर पर अपने नंबर भी लिखे हैं।