आगरा के बाह में न्यू लाइट हॉस्पिटल में 6 दिन पहले क्यारी गांव की प्रसूता सुमन की मौत हुई थी। मृतका के पति ने हॉस्पिटल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मंगलवार को बाह थाने पहुंचे परिजन और संबंधियों ने बयान दर्ज कराए। इसमें हॉस्पिटल संचालक और दो स्टाफ नर्स के नाम सामने आए हैं। अब तक कोई गिरफ्तारी न होने को लेकर परिजन गम और गुस्से में दिखे। चेताया कि दो दिन में गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे।
न्यू लाइट हॉस्पिटल बाह में 10 दिसंबर को सुबह 6 बजे जैतपुर के क्यारी गांव की सुमन की बच्चे को जन्म देने के बाद मौत हुई थी। मृतका के पति मुकेश ने अस्पताल के स्टाफ पर दो किस्तों में 80 हजार रुपये बसूलने का आरोप लगाया था। पुलिस को बताया कि बेटे के जन्म के बाद सुमन के पैरों में पटकन एवं घबराहट हुई तो स्टाफ ने एक के बाद एक 3-4 इंजेक्शन लगा दिए। इलाज में लापरवाही से सुमन की मौत हुई थी।
इसके बाद स्टाफ अस्पताल बंद कर भाग गया था। अधीक्षक डॉ. जितेंद्र वर्मा ने पंजीकरण न होने और प्रशिक्षित स्टाफ न होने की बजह से अस्पताल को सील कर दिया था। मृतका सुमन के परिजन और संबंधी मंगलवार को बाह थाने पहुंचे। गांव के प्रधान प्रदीप यादव, भतीजे अखिलेश, शिवराज, जेठानी रेखा, मुकेश के दोस्त उमेश यादव ने थाने में बयान दर्ज कराए।
रेखा ने पुलिस को बताया कि प्रसव का समय न होने के बाद भी संचालक ने सामान्य प्रसव का आश्वासन देकर 50 हजार रुपये जमा कराए और सुमन को भर्ती कर लिया। उन्होंने बताया कि प्रसव में लापरवाही के बाद 4 इंजेक्शन लगा दिए, हालत बिगड़ती गई और सुमन की मौत हो गई। उन्होंने हॉस्पिटल संचालक, 2 स्टाफ नर्स के नाम भी पुलिस को बताए। मृतका के भांजे मनीष ने बताया कि 2 दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। प्रभारी निरीक्षक बाह ने बताया कि अभी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, जांच कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।