एसएन मेडिकल कॉलेज की आठ मंजिला सर्जरी इमारत के घटिया निर्माण की पोल खुल रही है। 90 करोड़ रुपये से अधिक में बनी इस इमारत की टाइल्स गिर रही हैं। सीलिंग फॉल्स भी उखड़ गई है। इससे मरीज-तीमारदारों के साथ हादसा होने का खतरा बना हुआ है।
पोस्टमार्टम हाउस के पास स्थित आठ मंजिला इमारत 2016 में बनकर तैयार हुई थी। इसकी लागत 90 करोड़ रुपये से अधिक की थी। इमारत में सर्जरी विभाग, हड्डी रोग विभाग, वक्ष एवं क्षय रोग विभाग, पैथोलॉजी, वायरोलॉजी लैब, ईएनटी विभाग, बर्न वार्ड और मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर हैं। इसमें औसतन रोजाना 350 से अधिक मरीज भर्ती रहते हैं। इमारत का दरवाजा, सीलिंग फॉल्स टूटे हुए हैं। शौचालय की हालत बदतर है। इमारत की टाइल्स गिर रही हैं। कई बार टाइल्स गिर चुकी हैं, जिसमें तीमारदार चुटैल होने के साथ वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। वार्ड में फॉल्स सीलिंग गिरने से भी तीमारदार चुटैल हो चुके हैं। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि इमारत फॉल्स सीलिंग और टाइल्स की मरम्मत कराने के लिए टेंडर कर दिया है। एहतियातन बैरिकेडिंग करा दी है।
सेंट्रल एसी नहीं कर रहा काम, कूलर-पंखों की भी है कमी
इमारत में सेंट्रल एसी भी सही ढंग से कार्य नहीं कर रहा है। यहां कूलर और पंखों की भी कमी है। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है। कई मरीज तो घर से ही अपने मरीज के लिए पंखा लेकर आए हैं। फतेहपुर सीकरी के सुनील सिंह का कहना है कि उनकी मां आठ मंजिला इमारत में ही भर्ती है। पंखे-कूलरों की कमी है। घर से पंखा लाकर लगवाया है।