अगले माह से आलू खुदाई शुरू हो जाएगी। किसानों का पुराना आलू अभी कोल्ड स्टोरों से बिक नहीं पाया है। फसल में लागत हर साल बढ़ती जा रही है। जनपद से आलू के विदेश निर्यात की व्यवस्था बनाई जाए। साथ ही प्रोसेसिंग यूनिट को जल्द चालू किया जाए। किसानों ने यह मांग बुधवार को विकास भवन में आयोजित किसान दिवस में की।
किसानों ने अलग-अलग विभागों की कुल 12 शिकायतें कीं। किसान दिवस की अध्यक्षता कर रहीं पीडी रेनु कुमारी ने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह में निस्तारण के निर्देश दिए। किसान नेता मोहन सिंह चाहर ने कहा कि पूर्व में कई देशों में आलू भेजा जाता रहा है। इस बार आलू को विदेशों में नहीं भेजा गया।
इस समय किसानों से आलू मात्र 300 से 500 रुपये प्रति पैकेट व्यापारी खरीद रहे हैं। यह सब जनपद में प्रोसेसिंग यूनिट के न होने के कारण हो रहा है। आलू फसल को लाभकारी बनाने के लिए विदेशों में निर्यात और जनपद में प्रोसेसिंग यूनिट जल्द शुरू की जाए। किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने कहा अभी पुराना आलू ही अच्छा मूल्य न मिलने के कारण शीतगृहों में रखा है। कोल्ड का खर्चा चुकाने के बाद एक पैसा लौटकर नहीं आ रहा है। ऐसे ही हाल रहा तो आने वाली फसल घाटे की रहेगी।
राजीव लवानिया ने कहा कि किसानों को खाद, बीज के लिए भटकना पडता है। तय रेट से अधिक में खरीदना पड़ाता है लेकिन उसकी फसल के लागत तक के पैसे नहीं निकले की गारंटी नहीं है। जिला प्रशासन आलू विदेश निर्यात की ठोस योजना बनाकर शासन को भेजे। इसके साथ ही कहा कि गांव-गांव पशुओं के बीमारी फैलती रहती है। पशुपालन विभाग समय पर टीकाकरण तक नहीं करता है।
किसान लाखन सिंह त्यागी ने कहा कि शाम पांच बजे के बाद ट्यूबवेल की बिजली काट दी जाती है। खेतों में किसान रुक नहीं पाते हैं। इससे चोरी की घटना बढ़ रहीं है। खेतों से चोर ट्रांसफाॅर्मर, झटका मशीन, पाइप व अन्य उपकरण चुरा ले जाते हैं। इस कार्यक्रम में उप निदेशक कृषि मुकेश कुमार, कृषि अधिकारी विनोद कुमार, सीवीओ डॉ़ डीके पांडे, एक्सईएन सिंचाई नीरज कुमार व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।