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तो क्या फर्जी डिग्री वाले शिक्षकों ने लगाई थी बीएसए दफ्तर में आग, सामने आई चौंकाने वाली जानकारी

Wed, 27 Nov 2019 12:15 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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बीएसए दफ्तर आगरा - फोटो : अमर उजाला
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आगरा के बीएसए दफ्तर में आठ अक्तूबर को आग लगाए जाने के मामले में डेढ़ महीने की जांच के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है कि इस प्रकरण के पीछे उन शिक्षकों का हाथ हो सकता है जिनकी नौकरी जाने वाली थी। 
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इनकी बीएड की डिग्री फर्जी हैं। साथ ही एक लिपिक की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई है। जिन शिक्षकों का रिकार्ड जला है, उनकी बुधवार को सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद इनसे पूछताछ होगी। लिपिक का नाम भी सूची में शामिल हो सकता है।

फील्ड यूनिट की टीम ने दी थी यह रिपोर्ट 

फील्ड यूनिट की टीम ने वारदात के आठवें दिन यह रिपोर्ट दे दी थी कि आग बाहर से लगाई गई है। सिर्फ दो ही जगह आग लगी थी। इन दोनों जगह फर्जी डिग्री वाले शिक्षकों की फाइलें रखी थीं। इनकी कुल संख्या 241 है। इनकी बर्खास्तगी की तैयारी चल रही थी।
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अगर आग न लगाई होती तो ये अब तक बर्खास्त किए जा चुके होते। अन्य जिलों में यह कार्रवाई हो चुकी है। प्रदेश में ऐसे शिक्षकों की संख्या 2500 है।

एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि जांच समिति को कुछ सुराग मिले हैं। इन पर काम किया जा रहा है। सीओ लोहामंडी चमन सिंह चावड़ा का कहना है कि जिन शिक्षकों का रिकार्ड जला है, उनकी सूची बुधवार को तैयार की जाएगी।

जांच के लिए आज जाएगी समिति

आग लगने के बाद से बीएसए दफ्तर में पुलिस का ताला लटका है। एसएसपी का कहना है कि पहले रिकार्ड सुरक्षित किया जाए, इसके बाद ताला खोल लिया जाए। इस संबंध में डीएम ने चार सदस्यीय जांच समिति भी गठित की है। वह बुधवार को जांच के लिए जाएगी।
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