इसी स्कूल में नौकरी करती रही सुप्रिया
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कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में नियुक्ति के नाम पर हुए फर्जीवाड़े से शिक्षा विभाग को लाखों की चपत लग गई। फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी करती रहीं रानामऊ में शिक्षिका और हिमायूंपुर में वार्डन लगभग 34 लाख रुपये से अधिक का मानदेय ले चुकी हैं। अब इसकी रिकवरी करना विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। दोनों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
वर्ष 2016 से अमांपुर के रानामऊ कस्तूरबा विद्यालय में मैनपुरी के भोगांव की लक्ष्मी के दस्तावेजों के आधार पर फर्जी शिक्षिका नौकरी करती रही। उसने लगभग 10 लाख रुपये का मानदेय विभाग से ले लिया।
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इसके अलावा सोरों के हिमायूंपुर कस्तूरबा विद्यालय में वर्ष 2009 से कार्यरत वार्डन लगभग 24 लाख रुपये का मानदेय ले चुकी है। फिलहाल यह दोनों ही फरार हैं। फर्जीवाड़े की भनक लगते ही दोनों ने ही इलाहाबाद बैंक से मानदेय की धनराशि निकाल ली। हालांकि विस्तृत डिटेल जांच टीमें बैंक से संकलित कर रही हैं।