सर्जिकल का सामान बनाने वाली फैक्टरी का फाइल फोटो
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आगरा के गढ़ी भदौरिया में सर्जिकल सामान की अवैध फैक्टरी चलाने वाले रंजन अग्रवाल ने चार फर्जी फर्म से 250 फर्मों केे सामान की बिक्री की। इसकी फैक्टरी से जब्त किए गए बिलों की जांच में औषधि विभाग को यह जानकारी मिली है। इन बिलों को जीएसटी विभाग में भेजकर पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने कितने का काला कारोबार किया।
औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि छापे के वक्त फैक्टरी से करीब 500 बिल जब्त किए थे, इनकी जांच में नेपाल, मेघालय, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात, कर्नाटका, दमन समेत 10 राज्यों के 250 से अधिक फर्म को सर्जिकल मास्क यूरिन कैथेटर, ग्लव्स समेत अन्य सामान की बिक्री की है। यह बिल चार फर्जी फर्म के नाम से काटे हैं। दो फर्म से पांच साल में 27.22 करोड़ रुपये की जानकारी जीएसटी विभाग से मिल गई है, बाकी की दो फर्म से कितने का व्यापार किया, इसकी जीएसटी विभाग रिपोर्ट बना रहा है।
नोएडा के खाली प्लॉट पर दर्शाई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट
रंजन अग्रवाल बेहद शातिर है। इसने अपने ब्लॉक सी सेक्टर 11 ग्रेटर नोएडा के प्लाट के पते पर ही मैन्युफैक्चरिंग यूनिट दशाई है। औषधि विभाग की जांच में इसके यहां से मिले बिल और ब्रोशर में चार जगह मैन्युफेक्चरिंग यूनिट हैं। बाकी तीन यूनिटों में से एक गढ़ी भदौरिया कृष्णा पुरी, दूसरी मारुति प्लाजा संजय प्लेस और तीसरी घोलवाड फाली दमन है। यहां किसी भी तरह की फैक्टरी नहीं मिली और नहीं कोई दवाओं का कारोबार होता मिला।
15 दिन में हत्थे नहीं चढ़ा रंजन अग्रवाल
सर्जिकल सामान की अवैध फैक्टरी चलाने वाले रंजन अग्रवाल प्रताप नगर चौराहे का रहने वाला है। इसे फरार हुए 15 दिन हो गए, लेकिन पुलिस रंजन को पकड़ नहीं पाई है। नहीं इसे पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही हैं। रंजन अग्रवाल औषधि विभाग के 30 जून को इसकी फैक्टरी पर छापे के वक्त यह बेसमेंट के रास्ते से भाग गया था।
आगरा: औषधि विभाग का सर्जिकल का सामान बनाने वाली फर्म पर छापा, नकली माल बरामद