फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्जी दरोगा: एक थाने की पुलिस ने रुपये वसूलते हुए पकड़ा, दूसरे थाने पहुंचते ही छूट गया...वजह कर देगी हैरान

Mon, 24 Feb 2025 09:30 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

किराए पर रहने आए युवक ने खुद को क्राइम ब्रांच का दरोगा बताया। मकान मालिक उससे डरता रहा। इसका फायदा उठाकर आरोपी ने उससे 50 हजार रुपये मांगे। पीड़ित की गुहार पर प्रशिक्षु आईपीएस ने मदद की तो आरोपी की पूरी सच्चाई सामने आ गई।

 
विज्ञापन
agra police - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा में खुद को स्पेशल क्राइम ब्रांच का दरोगा बताकर एक युवक ने 50 हजार रुपये मांगे। उसे हरीपर्वत थाने की पुलिस ने जाल बिछाकर 2500 रुपये लेते दबोचा। पूछताछ में मामला न्यू आगरा थाने का निकलने पर आरोपी उसे सौंप दिया गया। वहां पुलिस ने आपसी विवाद बताकर शांतिभंग में चालान कर युवक को छोड़ दिया। 
विज्ञापन



 

न्यू आगरा थाना क्षेत्र के जागेश्वर नगर, नगला पदी निवासी संदीप कुमार ने हरीपर्वत थाने में शिकायत की थी। थाने में तैनात प्रशिक्षु आईपीएस अक्षय महाडिक को उन्होंने बताया कि एक युवक उन्हें फोन कर खुद को स्पेशल क्राइम ब्रांच का दारोगा बताता है। पुराने मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दे रहा है। कह रहा है कि बचना है तो 50 हजार रुपये दो नहीं तो घर पर बुलडोजर चलवा देगा।

जाल बिछाकर पकड़ा फर्जी दरोगा
पीड़ित संदीप ने प्रशिक्षु आईपीएस को बताया कि आरोपी दो साल पहले उनके मकान में किराए पर रहता था। तब खुद को पुलिसकर्मी बताता था। प्रशिक्षु आईपीएस ने निर्देश पर हरीपर्वत पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। आरोपी को फोन कर संदीप ने शनिवार को रुपये देने के लिए बुलाया। लालच में आरोपी दयालबाग चौकी के पास आ गया। संदीप ने उसे 2500 रुपये दिए। रुपये लेते ही हरीपर्वत पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
 
विज्ञापन

न्यू आगरा पुलिस ने आरोपी को छोड़ दिया
पूछताछ में मामला न्यू आगरा थाना क्षेत्र का निकला तो हरीपर्वत पुलिस ने आरोपी को उनके हवाले कर दिया। उधर, न्यू आगरा थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी और पीड़ित दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते हें। दोनों के बीच पहले विवाद भी हुआ था। जांच में मामला धमकाने का निकलकर आया है। आरोपी न वर्दी में था न उसके पास से वर्दी बरामद हुई। शांतिभंग में चालान किया गया।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें