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सामूहिक दुष्कर्म की सनसनीः देर रात छात्रा बोली, मुझसे गलती हो गई, माफ कर दो, पढ़ें पूरा घटनाक्रम

Thu, 05 Dec 2019 01:26 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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सामूहिक दुष्कर्म की झूठी कहानी बताने वाली छात्रा से बात करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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सिकंदरा की छात्रा ने सामूहिक दुष्कर्म की जो कहानी बनाई, वह ज्यादा देर टिक नहीं पाई। पुलिस को बड़ा सुबूत एक ऑडियो से मिला। यह नामजद युवकों के परिचित ने दिया। उससे अनिल फोन पर कहा था कि वह चारों से अलग रहे। उनके खिलाफ 376 (दुष्कर्म) का केस दर्ज होने वाला है। आगरा की लड़की इसके लिए तैयार है। उसने नामजद युवकों के परिचित से कहा कि उसे भी फंसाने की तैयारी थी। उसने उसे बचा लिया। बातचीत इस तरह हुई...
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अनिल :  चौं (क्यों) तू फोन ही नाय उठाय रो?
परिचित : का है गो, कछु खास बात है गई का?
अनिल : हंबे, एक बात सुन लै, तोय मैने बचाय लो है।
परिचित : का भयो, नैक पूरी बात ए बता ना।
अनिल : तोए मारवै की पूरी तैयारी है गई, छिप के रहिओ।
परिचित : ठीक है भैया, अच्छा हुआ, तू ने बताय दो।
अनिल : तेरे फोटू आ गए हैं, वे (चारों नामजद युवक) फंसेंगे, उनपे 376 ( दुष्कर्म की धारा ) लगेगी, छोई (युवती) आगरा की है, पूरी
तैयारी हो गई है।
परिचित : तोय कैसे पता?
अनिल  : मेरी जान मुश्किल में है, गर्दन मरोड़ दिए बिनने (उन्होंने) तू छिपके रहिओ, तोय बचा लो अ, तेरा नाम नाय आअगो।

मां बोली, दोपहर को मिली जानकारी
पुलिस ने छात्रा की मां से पूछताछ की। उनका कहना था कि वह घरों में खाना बनाने का काम करती हैं। वह सुबह ही घर से निकल गई थीं। बेटी ने बताया था कि कोचिंग का पहला दिन है। उन्हें नहीं पता कि उसके साथ क्या हुआ? दोपहर को बेटे का फोन आया, तब थाने आई। यहां बेटी ने बताया कि सामूहिक दुष्कर्म हुआ है।

बड़ा सवाल: मेडिकल में कैसे हो गई दुष्कर्म की पुष्टि
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दुष्कर्म पीड़िता का देर शाम मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसमें छात्रा के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. संजीव वर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। डीएनए के लिए स्लाइड बनाने और अन्य प्रक्रिया कर ली गई है। पुलिस का कहना है कि इसकी भी जांच की जाएगी कि मेडिकल परीक्षण की यह रिपोर्ट कैसे आई?

पहले बताया एत्मादपुर, फिर बोली, छितरई रोड पर हुआ दुष्कर्म
छात्रा को मेडिकल परीक्षण कराने से पूर्व घटनास्थल ले जाया गया। उसने पुलिस को बताया था कि सामूहिक दुष्कर्म एत्मादपुर में हुआ। पुलिस को हाईवे स्थित एफएच मेडिकल कॉलेज से पहले छितरई मार्ग पर ले गई। यहां सरसों का खेत नहीं मिला। इसके बाद, दूसरी सड़क थी। जब पुलिस को घटनास्थल छितरई मार्ग स्थित एक सरसों के खेत का बताया। यह पचोखरा थाना क्षेत्र का है।

चार बेकसूरों को जेल जाने से बचाने के लिए आठ घंटे दौड़े अफसर
दोपहर को एक बजकर 51 मिनट पर छात्रा ने यूपी -112 पर सूचना दी कि उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ है। इसके बाद पचोखरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, अफसरों को जानकारी दी। दो बजे से रात के 11 बजे तक आगरा, हाथरस और फिरोजाबाद के पुलिस अफसर दौड़ते रहे। उनकी मेहनत रंग लाई।

चार बेकुसूर युवक जेल जाने से बच गई। इसके लिए आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने पूरी टीम को प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है। उनका कहना है कि टीम ने सारे छात्रा ने पचोखरा थाना की पुलिस से कहा था कि उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ है। आगरा, फिरोजाबाद और हाथरस के पुलिस अफसर जांच में लग गए। पांच टीमें गठित की गई थी।

आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने अपनी टीम अलग से भेजी फिरोजाबाद में जांच के लिए। आगरा के एसएसपी बबलू कुमार पहले एत्मादपुर गए और फिर फिरोजाबाद। उन्होंने छात्रा से बात की। पुलिस टीम से कहा कि कार्रवाई में साक्ष्य होने चाहिए। आगरा, फिरोजाबाद और आईजी रेंज की साइबर सेल भी खुलासे में लगाई। आगरा और फिरोजाबाद की फील्ड यूनिट मौका ए वारदात पर भेजी गई। 
 
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रात 12 बजे छात्रा बोली, मुझसे गलती हो गई, माफ कर दो 
महिला पुलिस अधिकारी ने छात्रा से लंबी बात की। रात 12 बजे छात्रा ने कहा कि उससे गलती हो गई, दोबारा नहीं करेगी, उसे माफ किया जाए। उसने बताया कि अनिल के कहने पर पूरी साजिश रची। अब उसे पछतावा हो रहा है। उसकी गलती से चार युवकों की जिंदगी तबाह हो जाती। पहले उसने इस बारे में नहीं सोचा। उसे नहीं मालूम था कि पुलिस उसका झूठ पकड़ लेगी। उसे डर था कि अगर अनिल की बात नहीं मानी तो वह नाराज हो जाएगा। 
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