थाना खंदौली के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि फैक्टरी शकील और शारिक चलाते हैं। उन्होंने यह फैक्टरी फरवरी में खोली थी। नकली मोबिल ऑयल को नामी कंपनी के रैपर लगे डिब्बों में भरने के बाद बाजार में बिक्री के लिए ले जाते थे। एक बार में 150 कार्टन तक मेटाडोर में भरते थे। आगरा में इस माल की सप्लाई नहीं करते थे।
माल पूर्वांचल के कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज सहित आसपास के जिलों में सप्लाई करते थे। यह काम शारिक करता था। मैनेजर शकील दुकानदारों और माल की बिक्री का खाका तैयार करता था। उनकी दुकानदारों से सेटिंग रहती थी। माल बाजार में मिलने वाले माल से आधी कीमत पर खरीदा जाता था। ग्राहक से दुकानदार असली माल के बराबर ही कीमत वसूल करते थे। फरार शारिक और शकील की तलाश की जा रही है।
पुश्तैनी काम कर रहे
पुलिस ने अरमान, सनी अहमद, शोहिद, इकरार, कादिर, मुजीब, जीशान, समीर, मुईन, शाहरुख, वसीम, कादिर उर्फ गुड्डू को गिरफ्तार किया था। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नकली मोबिल ऑयल का काम पुश्तैनी है। इस काम में ज्यादा मुनाफा होता है। इस कारण माल बनाकर बेचते हैं। बाजार से जो खराब ऑयल खरीदा जाता है, उसमें लाल रंग का पाउडर मिलाकर बेचते हैं। जिन गाड़ियों में यह ऑयल पड़ता होगा, उनके इंजन का खराब होना लगभग तय था। ग्राहक नामी कंपनी की जैसीपैकिंग होने की वजह से पहचान नहीं कर पाते थे।
पुलिस नहीं कर पाई गैंगस्टर की कार्रवाई
पुलिस ने पिछले साल नकली मोबिल की छह से ज्यादा फैक्टरी और गोदाम पकड़े थे। इस मामले में थाना ताजगंज, छत्ता और एत्माद्दौला में मुकदमे दर्ज किए गए थे। आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। दो अधिक मुकदमे दर्ज हुए। मगर, आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट मेें कार्रवाई नहीं की जा सकी। यह वजह है कि शारिक और उसके भाई जेल से छूटने के बाद फिर से वही काम करने लगे थे। इस बार ठिकाना जरूर बदल लिया था। शहर की जगह देहात में यह काम हो रहा था।
प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना: दुकानों पर दिखी लापरवाही, झुंड में बांटा राशन, सर्वर ने भी किया परेशान
नकली का कारोबार: शहर से देहात तक पहुंचा 'गोरखधंधा', नकली मोबिल ऑयल फैक्टरी पकड़ी, 12 गिरफ्तार