आगरा में औषधि विभाग की टीम ने नकली दवा मामले में गोगिया परिवार की फव्वारा स्थित तीन फर्म पर छापा मारा। यहां दवाओं की खरीद-फरोख्त के रिकाॅर्ड में गड़बड़ी मिली है। हे मां मेडिको, बंसल मेडिकल एजेंसी समेत चार फर्म से जब्त की नकली दवाओं का मिलान भी किया। तीनों स्टोरों से विभिन्न दवाओं के 12 नमूने लिए हैं। टीम ने मौके पर मिले रिकाॅर्ड जब्त किए हैं। बीते महीनों में खरीद-बिक्री के रिकाॅर्ड तलब किए हैं।
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सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि नकली दवाओं की बिक्री और बिना बिल के दवाएं बेचने की शिकायत पर मैनपुरी के औषधि निरीक्षक दीपक कुमार, फिरोजाबाद के देशबंधु विमल और आगरा के नवनीत यादव और कपिल शर्मा को शामिल कर टीमें बनाईं। टीम ने फव्वारा स्थित गोगिया मेडिकल एजेंसी, एनके इंटरप्राइजेज और राधे कृपा फार्मा पर छापा मारा। इनके संचालक एक ही परिवार से हैं। दवाओं की खरीद-बिक्री के बिल और भंडारण की भी जांच की। इसमें कुछ दवाओं के भंडारण और बिक्री के रिकाॅर्ड में अंतर मिला है। मामला संदिग्ध लगने पर मौके से मिले रिकाॅर्ड जब्त कर लिए हैं। संचालकों से बीते महीनों में दवाओं की खरीद-बिक्री के बिल और रिकाॅर्ड भी तलब किए हैं।
जब्त नकली दवाओं से किया मिलान
औषधि विभाग और एसटीएफ ने नकली दवा मामले में बीते महीने 22 अगस्त से 10 दिन चली कार्रवाई में बंसल मेडिकल एजेंसी, हे मां मेडिको, एमएसवी मेडी पाॅइंट, ताज मेडिको पर छापा मारकर करीब 71 करोड़ की दवाएं जब्त की थीं। यहां से जब्त नकली दवाओं से इन तीनों स्टोरों पर मिलान भी किया है। इनमें से कोई दवा मौके पर नहीं मिली है।
टीम की जांच में ये रही स्थिति:
- गोगिया मेडिकल एजेंसी: संचालक पंकज गोगिया मिले। इनके यहां बीते महीनों की दवाओं की खरीद-बिक्री का कंप्यूटर पर रिकाॅर्ड खंगाला। टीम ने एसिडिटी, मल्टीविटामिन और पेट रोग की दवाओं के चार नमूने लिए।
- एनके इंटरप्राइजेज: इसके संचालक कुलदीप गोगिया हैं। दवाओं की खरीद-बिक्री का रिकाॅर्ड मांगा। टीम ने कंप्यूटर पर भी खंगाले। खांसी-जुकाम, दर्द, सूजन और गैस की दवाओं के नमूने लिए हैं।
- राधे कृपा फार्मा: ये नरेश गोगिया की फर्म है। स्टोर-गोदाम की जांच में ऑइंटमेंट का स्टॉक से मिलान नहीं होने पर बिक्री पर रोक लगाई है। त्वचा रोग की ऑइनमेंट, एंटीबायोटिक, एंटी एलर्जिक के चार नमूने लिए हैं।
- मेडिसिन पाॅइंट: औषधि विभाग की टीम ने बीते सप्ताह बिना बिल के दवाएं बेचने की शिकायत पर जांच की थी। गड़बड़ी मिलने पर नमूने लेकर दवाओं की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई थी। इसका संचालक कपिल गोगिया भी इसी परिवार से है।