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UP: उत्तराखंड में बनाई जा रहीं नकली दवाएं, यूपी में हो रही सप्लाई; नकली दवा रैकेट पर अब तक का सबसे बड़ा खुलासा

Sat, 09 May 2026 10:12 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में नकली दवाओं के कारोबार की जांच के दौरान उत्तराखंड कनेक्शन सामने आया है। औषधि विभाग को संदिग्ध दवाओं की सप्लाई के साक्ष्य मिले हैं, जिसके बाद उत्तराखंड और कानपुर में भी जांच शुरू कर दी गई है।
 
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बरामद की गईं नकली दवाएं और मशीन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पुडुचेरी के बाद उत्तराखंड में नकली दवा बनाने का काला कारोबार हो रहा है। औषधि विभाग को श्री मेडिकल एजेंसी की जांच में इसके साक्ष्य मिले हैं। इस फर्म ने आगरा और कानपुर में भी संदिग्ध दवाएं बेची हैं। औषधि विभाग ने इसकी रिपोर्ट उत्तराखंड और कानपुर भेजकर जांच करने के लिए कहा है।
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सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि नामी कंपनी ने ब्रांड के नाम पर नकली दवा की बिक्री की शिकायत की थी। इसके बाद छापा मारा गया।फव्वारा स्थित श्री मेडिकल एजेंसी से नामी कंपनी की ऑक्सलजिन डीपी के चार बैच, सेटिजन और प्रीमोल्ट एन टैबलेट संदिग्ध मिली थीं। नकली प्रतीत होने पर इनके नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। पूछताछ में आगरा-कानपुर में ये दवाएं बेचे जाने की जानकारी मिली। इसके बाद द्वारिकाधीश मेडिकल एजेंसी से ऑक्सलजिन डीपी की एक बैच की करीब 16 हजार टैबलेट जब्त कीं।
 

इसने भी श्री मेडिकल एजेंसी से ही दवाएं खरीदी थीं। इसी बैच की दवाएं कानपुर के मेडिकल स्टोर को भी बेची गई हैं। पूछताछ में संचालक सुरेंद्र गुप्ता ने बताया कि ये दवाएं उत्तराखंड से हॉकर के जरिये मंगवाता है। इसमें हॉकर का भी कमीशन है। इन दवाओं को अन्य राज्यों में भी खपाने की आशंका है। इस पर उत्तराखंड के औषधि विभाग को भी रिपोर्ट बनाकर भेजी है, जिससे संबंधित की जांच करते हुए कार्रवाई की जा सके। वहीं श्री मेडिकल एजेंसी और द्वारिकाधीश मेडिकल एजेंसी के संचालकों को नोटिस देकर तीन महीने के दवाओं की खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड भी तलब किए हैं।
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पुडुचेरी से नकली दवाओं का पकड़ा था रैकेट
औषधि विभाग और एसटीएफ ने बीते साल 25 अगस्त को फव्वारा में पांच गोदामों में नामी कंपनियों की 71 करोड़ की दवाएं पकड़ी थीं। इसमें हिमांशु अग्रवाल के अलावा संजय बंसल व उसके स्वजन की फर्में हैं। जांच में पता चला था कि ये दवाएं पुडुचेरी की मीनाक्षी फार्मा में बनती थीं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण विभाग की टीम के छापे में मीनाक्षी फार्मा नहीं मिली। वहां तीन फैक्टरी से करोड़ों रुपये की दवाएं, कच्चा माल और मशीनें मिली थीं। इसके बाद औषधि विभाग ने फव्वारा में हे मां मेडिको, के एंड एन फार्मा सुल्तानगंज पुलिया, बंसल मेडिकल एजेंसी गोगिया मार्केट, एमएसवी मेडी पॉइंट हॉस्पिटल रोड, ताज मेडिको का लाइसेंस निरस्त कर दिया था। मामले की जांच अभी भी चल रही है।


 
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