दूसरे शहरों में भी नकली घी की फैक्टरी संचालित होने की आशंका जताई जा रही है। मैनेजर सहित पांच को जेल भेजने के बाद पुलिस को कई जानकारी मिली है। वहीं आरोपी संचालक अब तक पुलिस के हाथ नहीं आ सके हैं। कर्मचारियों पर ही कार्रवाई की गई।
कहरई, ताजगंज में 2 जनवरी को नकली घी फैक्टरी पकड़ी गई थी। मैनेजर राजेश भारद्वाज सहित 5 लोगों को जेल भेजा गया था। फैक्टरी को ग्वालियर के दाल बाजार के रहने वाले पंकज अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, बृजेश अग्रवाल संचालित कर रहे थे। पुलिस की पूछताछ में 7 राज्यों के 19 जिलों में नकली घी की सप्लाई की बात सामने आई थी। आधी कीमत पर तैयार नकली घी विभिन्न ब्रांड के नाम से बेचा जाता था।
पुलिस अब ग्वालियर के नीरज अग्रवाल, पंकज अग्रवाल और बृजेश अग्रवाल की तलाश में लगी है। मैनेजर की व्हाट्सएप डिटेल में कई महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस के हाथ लगी है। घी खरीदने वालों का पता चला है। इस पर संबंधित जिलों के एसपी और डीएम को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है। पंकज और बृजेश अग्रवाल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम 3 जनवरी को ग्वालियर गई थी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों आरोपी फरार हो गए थे। उनके घरों पर ताला लगा मिला। आरोपी मोबाइल बंद कर कहीं चले गए।
काॅल डिटेल भी खंगाल रहे
एसीपी सदर विनायक भोसले ने बताया कि आरोपियों के आगरा के अलावा भी अन्य शहरों में नकली देसी घी की फैक्टरी संचालित करने की आशंका है। इसको लेकर पुलिस टीम जांच कर रही है। ग्वालियर में आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। वहां भी पुलिस ने नकली देसी घी बरामद कर कार्रवाई की थी। संचालकों की काॅल डिटेल भी खंगाली जा रही है, जिससे यह पता किया जा रहा कि किन लोगों को माल भेजा जाता था। इन पर भी कार्रवाई की जाएगी। कहा जा रहा है कि अन्य लोग पकड़े जाएंगे तो पूरे नेटवर्क का पता चल सकेगा।