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यूपीः फर्जी डिग्री वाले शिक्षकों से वेतन-भत्ते वसूलने की तैयारी, 87 करोड़ की रिकवरी का नोटिस जारी

Thu, 02 Jul 2020 11:18 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा

सार

87 शिक्षक शिक्षिकाओं से होगी 27 करोड़ की वसूली 
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फर्जी शिक्षिका प्रकरण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी पाने वाले जिले के 87 शिक्षक-शिक्षिकाओं से 27 करोड़ रुपये से अधिक की रिकवरी की जाएगी। इनके द्वारा वेतन भत्तों के रूप में ली गई राशि का आंगणन करने में जुटे बेसिक शिक्षा विभाग ने पांच लोगों को बुधवार को रिकवरी नोटिस भी जारी कर दिए हैं। भुगतान न होने पर इनके विरुद्ध आरसी जारी की जाएगी।
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विशेष जांच दल (एसआईटी) जांच में चिन्हित फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाले 87 शिक्षक-शिक्षिकाओं की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। बर्खास्तगी, प्राथमिकी के बाद अब विभाग वेतन-भत्तों के रूप में लिया धन वसूलने की तैयारी में है।

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एक दशक तक विभाग की आंखों में धूल झोंकते रहे इन लोगों द्वारा लिए गए वेतन भत्तों का आकलन लेखा विभाग कर रहा है। वहीं चार शिक्षिकाओं सहित पांच के वेतन, भत्तों का ब्योरा मिलते ही लेखाधिकारी ने बुधवार को रिकवरी नोटिस जारी कर एक सप्ताह में धनराशि राजकोष में जमा करने के निर्देश दिए हैं। राशि जमा न होने पर इनके खिलाफ आरसी की कार्रवाई की जाएगी।
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क्या है मामला
एसआईटी जांच में जिले के 120 शिक्षक शिक्षिकाओं को फर्जी डिग्री एवं टेंपर्ड मार्कशीट मामले में चिन्हित किया गया है। इनमें 87 फर्जी डिग्री एवं 33 मामले हेराफेरी के हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय सिंह ने इनमें से 116 को बर्खास्त कर प्राथमिकी दर्ज करा दी है। वहीं लेखा विभाग इनके द्वारा अर्जित किए गए वेतन, भत्ते एवं अन्य वित्तीय लाभ के आंगणन में जुटा है। 

शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा सेवाकाल में लिए गए वेतन भत्तों की रिकवरी का आंगणन कर रिकवरी का नोटिस जारी किया जाएगा। राशि राजकोष में जमा न होने पर इनके खिलाफ आरसी जारी कर राजस्व विभाग को वसूली अधिकार दिया जाएगा। -नरेंद्र सिंह, लेखाधिकारी
 
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