मथुरा। राम मंदिर निर्माण की रजत शिला के साथ मान मंदिर के राधाकांत शास्त्री व अन्य।
- फोटो : MATHURA
भव्य राम मंदिर के निर्माण में लगने वाली रजत शिला को वृंदावन से श्रीजी के धाम लाया गया। रजत शिला का ब्रज के संत पद्मश्री रमेश बाबा व विरक्त संत विनोद दास ने पूजन किया। पूजन के बाद रजत शिला को माताजी गोशाला में गायों के मध्य रखा गया। इसके बाद रजत शिला को लाडलीजी मंदिर ले जाकर श्रीजी के चरणों में रखा गया।
बुधवार को राम मंदिर के निर्माण से पूर्व धर्म रक्षा समिति के सौरभ गौड़ ने ब्रज के समस्त तीर्थों की रज लेकर रजत शिला का निर्माण कराकर ब्रज के प्रमुख मंदिरों के साथ प्रमुख संतों के समक्ष लाया गया। इस शिला का पद्मश्री रमेश बाबा द्वारा विधि-विधान से पूजन किया। तदोपरांत शिला को माताजी गोशाला में ले जाकर गायों में मध्य रखा गया।
शिला में गोधूलि लग सके। उसके बाद ब्रज के संत विनोद दास बाबा के आश्रम में ले जाया गया। जहां बाबा ने शिला का पूजन किया। उसके बाद रजत शिला को लाडलीजी मंदिर में ले जाकर राधारानी के चरणों में रख कर मंदिर निर्माण का आशीर्वाद लिया। इस दौरान श्री नाथ, मोहिनी शरण दास, राधाकांत शास्त्री, सुनील सिंह, बद्री श्री आदि मौजूद थे।
इससे पहले विगत माह वृंदावन धाम आए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य स्वामी परमानंद ने रजन शिला का विधि-विधान से पूजन किया। इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी चित्तप्रकाशानंद, रजत शिला पूजन यात्रा के संयोजक कार्ष्णि नागेंद्र दत्त, धर्म रक्षा संघ के महामंत्री श्रीदास प्रजापति, महंत मोहिनी बिहारी शरण, गोविंदानंद तीर्थ, स्वामी धर्म देव आदि मौजूद रहे।
परमानंद महाराज ने कहा कि श्रीराम मंदिर आंदोलन में वृंदावन के संत, महंतों एवं राम भक्तों का अतुलनीय योगदान रहा है। इसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने धर्म रक्षा संघ द्वारा निर्मित रजत शिला को श्रीराम मंदिर की नींव में रखने का आश्वासन दिया है।
श्रीराम मंदिर की नींव में लगने वाली इस रजत शिला की वजन करीब साढ़े चार किलो है। इसमें ब्रज के प्रमुख तीर्थों और देवालयों की रज के साथ पौने दो किलो चांदी का प्रयोग किया गया है। रजत शिला पूजन यात्रा के संयोजक कार्ष्णि नागेंद्र दत्त ने बताया कि इस शिला को रथ में विराजमान कर ब्रज से अयोध्या ले जाया जाएगा।