फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फिरोजाबाद: करोड़ों के जाली नोट छापने का था ऑर्डर, पंचायत चुनाव में अवैध शराब और वोट खरीदने में होता है इस्तेमाल

Fri, 12 Mar 2021 08:24 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद

सार

  • ऑर्डर देने वाले पर कब कसेगा शिकंजा
  • सौ करोड़ नकली रुपये छापने का ऑर्डर दिया गया था
विज्ञापन
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शिकोहाबाद पुलिस ने नकली नोट छापने के अड्डे पर छापा मार कर पंचायत चुनाव में बड़ी मात्रा में नकली नोट खपाने वालों के मंसूबे पर पानी फेर दिया है। नकली नोटों का पंचायत चुनाव में सर्वाधिक खर्चा वोट खरीदने और ग्रामीण अंचल में प्रतिबंधित शराब मंगाने में प्रयोग किया जाना था। लेकिन पुलिस की कार्यवाही से उनके यह सपने धरे रह गये। 
विज्ञापन


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार पांडे ने बताया कि जिले में पंचायत चुनावों को प्रभावित करने के उद्देश्य से नकली नोट छापने वाले शातिर तजेंद्र उर्फ काका निवासी ब्लॉक नंबर नौ मोती नगर पश्चिमी दिल्ली को हायर कर बुलाया गया था। नगर की आवास विकास कॉलोनी में तजेंद्र ने संतोष के मकान को किराये पर लेकर उसमें नकली नोट छापने का पूरा कारखाना तैयार कर लिया। दिनरात नोटों की छपाई शुरू हो गई और साथ ही उन्हें खपाने के लिए लड़के भी तैयार कर लिए।
फिरोजाबाद: पंचायत चुनाव में करोड़ों के जाली नोट खपाने की थी तैयारी, सरगना सहित पांच गिरफ्तार
विज्ञापन

एसएसपी ने बताया कि तेजेंदर को सौ करोड़ रुपये छापने का ऑर्डर मिला था। जिससे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इनको खपाया जा सके। त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में रुपयों की प्रत्याशियों को भारी मांग रहती है। ऐसे में इन्हें ब्याज पर रुपये देने वाले भी सक्रिय हो जाते हैं। पंचायत चुनाव में फेक करेंसी को खपा कर करोड़ों में खेलने का सपना संजोया था। 

ऑर्डर देने वाले पर कब कसेगा शिकंजा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि तजेंद्र को तकरीबन सौ करोड़ नकली रुपये छापने का ऑर्डर दिया गया था। इस पर सवाल उठता है कि ऐसा जनपद में कौन सा सख्श है जो भारतीय करेंसी को नुकसान पहुंचाने के लिए नकली करेंसी को छपवाने का कार्य करा रहा था। तेजेंद्र से पूछताछ में पुलिस को अहम जानकारी मिली है। पुलिस अब उन नकली करेंसी छपवाने वाले ठेकेदारों तक पहुंचने में लग गई है।

मुस्लिम युवती से शादी के बाद संतोष बन गया था सलीम
संतोष मूलरुप से शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के मोहल्ला ओमनगर का निवासी है। वह फल की ठेल लगाता था। संतोष ने मुस्लिम युवती से शादी की थी। इसके बाद वह संतोष से सलीम बन गया था।

एक माह में छाप दी साढ़े तीन लाख की करेंसी
तजेंद्र ने अपने साथियों के साथ पिछले एक माह में करीब साढ़े तीन लाख से अधिक की करेंसी छाप दी। इसमें से पुलिस ने एक लाख 92 हजार रुपये के जाली नोट बरामद कर लिए हैं। शेष बचे सौ के नोट की जाली करेंसी बाजार में चल रही है। एसएसपी अजय कुमार पांडेय ने बताया कि इस करेंसी का प्रयोग पंचायत चुनाव में किया जाना था। उन्होंने बताया कि नोट छापने के लिए पदम जी पेपर का प्रयोग किया जाता था। तार के लिए गिफ्ट पेपर का प्रयोग होता था। 
विज्ञापन

वर्ष 2000 में किया था अपराध जगत में प्रवेश
तजेंद्र ने वर्ष 2000 में अपराध जगत में प्रवेश करने के साथ ही पहली बार जेल गया था। जेल से रिहा होने के बाद उसने नकली नोट छापने का काम शुरू कर दिया। 2006 में थाना कमला मार्केट व वर्ष 2012 में दिल्ली के विजय विहार थाना क्षेत्र से जेल गया था। वर्ष 2017 में पुलिस ने नकली नोट छापने के आरोप में उसे जेल भेजा। जेल से आने के बाद फिर से नकली नोट छापने का काम शुरू कर दिया। उस पर कुल 15 मुकदमें दर्ज हैं। दिल्ली में उसके खिलाफ 14 मुकदमे है। तजेंद्र की शादी मैनपुरी से तय हुई थी। एसएसपी ने बताया कि तेजेंद्र के गैंग को पंजीकृत करते हुए गैंगस्टर के साथ एनएसए के तहत कार्रवाई की जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें