आगरा के बाह सीएचसी में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र पकड़े जाने से हड़कंप मच गया। प्रसव लाभ पाने के लिए 300 रुपये में साइबर कैफे से जन्म प्रमाण पत्र बनाया गया था। पुलिस ने दो साइबर कैफे संचालकों को पूछताछ के लिए उठाया है।
जुलाहपुरी निवासी बंटी अंसारी की पत्नी हिना ने 13 जनवरी को बाह सीएचसी पर बेटी को जन्म दिया था। शुक्रवार को बंटी अंसारी प्रसव लाभ के लिए बाह सीएचसी पहुंचे थे। उन्होंने 11 फरवरी को जारी जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया। जिस पर अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र वर्मा के डिजिटल हस्ताक्षर थे। लेकिन सीएचसी से प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ था। पूछे जाने पर बंटी अंसारी ने बताया कि साइबर कैफे पर 300 रुपये देकर प्रमाण पत्र बनवाया है।
अधीक्षक की सूचना पर पहुंची पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम को लेकर लाभार्थी साइबर कैफे पर पहुंचा। छानबीन के दौरान नगर निगम के कुछ और जन्म प्रमाण पत्र भी मिले। जिसपर पुलिस ने साइबर कैफे संचालक को पूछताछ के लिए उठा लिया। इतना ही नहीं एक दूसरे साइबर कैफे संचालक को भी पुलिस ने उठाया है। इस कार्रवाई से साइबर कैफे संचालकों में हड़कंप मच गया।
बाह थाने के इंस्पेक्टर संजीव शर्मा ने बताया कि दो लोगों से पूछताछ की जा रही है। अधीक्षक डॉ. जितेंद्र वर्मा ने बताया कि फर्जी जन्म प्रमाण पत्र पकड़ में आने पर कार्यवाही के लिए पुलिस को बुलाया था।