आगरा के कमला नगर में 25 साल पहले हथियारों के बल पर घर में लूटपाट के तीन आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिए गए। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावी क्षेत्र रनवीर सिंह ने आदेश सुनाया। अभियोजन पक्ष 25 साल तक चश्मदीदों (आया, वादी के बेटा-बेटी) को गवाही के लिए अदालत में पेश नहीं कर सका।
थाना न्यू आगरा में कमला नगर निवासी राजेंद्र खंडेलवाल ने केस दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि 2 जून 1999 की दोपहर दो युवकों ने कूरियर का पार्सल देने के नाम पर पत्नी से दरवाजा खुलवाया। पीने के लिए पानी मांगा। इस दौरान चार युवक अंदर आ गए। तमंचे, पिस्टल और चाकू के बल पर पत्नी उषा खंडेलवाल, पुत्र अभिषेक, पुत्री रुचि और आया सोमवती को बंधक बनाकर लूटपाट की।
पुलिस ने कमला नगर निवासी आरोपी मनीष, बहादुर, सुंदर, डब्बू, चमन और राजेंद्र उर्फ राजू के खिलाफ आरोपपत्र प्रस्तुत किया। आरोपी डब्बू की मौत हो गई। चमन और राजेंद्र उर्फ राजू की पत्रावली अलग कर दी गई। अदालत में वादी, उनकी पत्नी और थानाध्यक्ष की गवाही दर्ज हुई। कई बार आदेश के बाद भी अभियोजन पक्ष चश्मदीदों को गवाही के लिए हाजिर नहीं कर सका।