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Agra News: श्रीराम-भरत मिलाप का मंचन देख नम हुईं आंखें

Fri, 17 Oct 2025 12:52 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
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भोगांव। श्री रामलीला कमेटी के तत्वावधान में नगर के रामलीला मैदान में श्री रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। रामलीला मंच पर भगवान श्रीराम और भरत के मिलाप की लीला का मंचन किया गया। श्रीराम-भरत मिलाप की लीला का मंचन देखकर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। श्रीराम के लंका विजय के बाद सीता को साथ लेकर लौटने की खबर मिलते ही अयोध्या में हर्ष की लहर दौड़ गई। नगर में चारों ओर जय श्रीराम के जयकारे गूंजने लगे। हनुमान जी ने भरत को जब श्रीराम के अयोध्या आने की सूचना दी तो भरत भगवान श्रीराम से मिलने के लिए नंगे पैर दौड़ पड़े। अयोध्या की सीमा पर भगवान श्रीराम का भरत से मिलन हुआ। जैसे ही श्रीराम ने भाई भरत को गले लगाया। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की। इस दौरान कमेटी अध्यक्ष धनवेश यादव, चेयरमैन प्रतिनिधि आशीष तिवारी, सुरेंद्र बाबू शुक्ला, पंडित देवेंद्र दीक्षित, आशीष पाठक, नृपेंद्र शर्मा, अमित शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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केवट संवाद की लीला देख भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
किशनी। रामलीला महोत्सव समिति के तत्वावधान में क्षेत्र के गांव अरसारा स्थित सरस हाट में चल रही रामलीला में सुमंत वापसी, दशरथ मरण और केवट संवाद की लीलाओं का मंचन किया गया। पिता की आज्ञा अनुसार भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण 14 वर्ष के लिए वनवास पर चले जाते हैं। मंत्री सुमंत के अयोध्या लौटने के अनुरोध के बाद भी श्रीराम वापस नहीं लौटते। सुमंत वापस लौटकर राजा दशरथ को श्रीराम के वापस न आने की सूचना देते हैं। पुत्र वियोग में दशरथ जी अपने प्राण त्याग देते हैं। लीला में केवट संवाद के मंचन ने दर्शकों का मन मोह लिया। इससे पहले भूमि संरक्षण अधिकारी इंजी़नियर दिनेश यादव ने भगवान श्रीराम की आरती उतारी। इस दौरान संयोजक रमाशंकर तिवारी, ज्ञानजी शुक्ल, मृदुला रामायणी, अजय चौरसिया, अनुज तिवारी, अमित तिवारी, संतोष गोस्वामी आदि मौजूद रहे।

छल से माता सीता का हरण कर ले गया रावण
कुरावली। गांव अशोकपुर में चल रही श्री रामलीला में खर-दूषण, त्रिसरा वध, सीताहरण और जटायु संस्कार की लीलाओं का मंचन किया गया। लीला में खर-दूषण और त्रिसला वध के बाद लंकापति रावण छल से माता सीता का हरण करके ले जाता है। रास्ते में जटायु से रावण का युद्ध होता है। इस दौरान लीला कमेटी के अध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह चौहान, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रताप सिंह चौहान, सौरव चौहान, राजेश मिश्रा, पूरन सिंह यादव कोकदा, डॉ. संतकुमार यादव, संयोजक राजकुमार सिंह चौहान, देवेंद्र सिंह चौहान, दामोदर सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।
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