फतेहाबाद। बारिश के बाद आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे धंसने और किनारे की मिट्टी खिसकने से हादसे का खतरा बढ़ गया है। थाना फतेहाबाद क्षेत्र में लखनऊ से आगरा की ओर जाने वाली लेन में किलोमीटर संख्या 35.300 पर पीली पट्टी के पास सड़क धंसने से करीब पांच फीट गहरा गड्ढा हो गया है। इससे कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।
सड़क धसने के अलावा एक्सप्रेसवे के किनारे लगी जालियां भी टूटी पड़ी हैं। सोमवार को ही टूटी जाली के कारण एक गाय एक्सप्रेसवे पर पहुंच गई। गाय काफी देर तक सड़क पर घूमती रही। गाय के सामने आने से कई वाहन टकराने से बचे। वाहन चालकों ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग टीमें तैनात रहती हैं, लेकिन करीब आधे घंटे तक गाय एक्सप्रेसवे पर घूमती रही और कोई टीम उसे हटाने के लिए मौके पर नहीं पहुंची।बाद में वाहन चालकों ने पास में पशु चरा रहे लोगों को आवाज देकर बुलाया। इसके बाद एक महिला बच्चे के साथ एक्सप्रेसवे पर पहुंची और गाय को हांककर वहां से ले गई।
कई जगह नीचे लगे कंटीले तार भी गायब हैं। इसके कारण ग्रामीण आसानी से एक्सप्रेसवे तक पहुंच जाते हैं और अपने मवेशियों को भी सड़क के किनारे चराते हैं। जाली टूटने के कारण छुट्टा मवेशी भी सड़क पर पहुंच जाते हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।
महिलाएं भी एक्सप्रेसवे के डिवाइडर पर काटती हैं घास
टूटी जाली के कारण ग्रामीण महिलाएं भी आसानी से एक्सप्रेसवे पर पहुंच जाती हैं। सोमवार को कुछ महिलाएं एक्सप्रेसवे के बीच बने डिवाइडर के पास घास काटती नजर आईं। ग्रामीणों का एक्सप्रेसवे पर इस तरह पहुंचना उनकी जान के लिए भी खतरा बना हुआ है।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
लोगों ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर ग्रामीणों और छुट्टा मवेशियों के पहुंचने के कारण पहले भी हादसे हो चुके हैं। कुछ वर्ष पूर्व एक महिला एक्सप्रेसवे पार कर रही थी। तभी तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई थी। इसके बावजूद एक्सप्रेसवे की टूटी जाली और कंटीले तारों की मरम्मत नहीं की गई।
सड़क धंसने की जानकारी मिलते ही संबंधित स्थान को भरवा दिया गया है। टूटी जाली को भी बदलने का कार्य कराया जा रहा है। आसपास के ग्रामीण एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के लिए जाली काट देते हैं, जिससे ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है। -गजेंद्र कौल, डिप्टी प्रोजक्ट मैनेजर, कार्यदायी संस्था एटलस