दिवाली से पहले पटाखों का इस कदर भंडारण कर लिया गया, कि जान की परवाह भी नहीं की गई। पुलिस ने छापा मारा, तो दो परिवारों के बीच क्षमता से अधिक दोगुनी मात्रा में पटाखे रखे मिले।
आगरा के सिकंदरा स्थित मोहम्मदपुर में लाइसेंस धारक ने मानकों की अनदेखी कर पटाखों का भंडारण कर रखा था। दो परिवारों के बीच क्षमता से अधिक दोगुनी मात्रा में पटाखे रखे थे। शुक्रवार को एसीपी हरीपर्वत ने गोदाम पर जांच की तो यह मामला सामने आया। अब सिकंदरा पुलिस संचालक के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
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एसीपी हरीपर्वत अक्षय संजय महाडिक ने बताया कि मोहम्मदपुर में एडीए हाईट्स के पास सतीश गोयल ने पटाखों के भंडारण और बिक्री का लाइसेंस लिया था, जिसकी क्षमता 1500 किलोग्राम की थी। दुकानदार ने चार कमरों में गोदाम बना रखा था। दो परिवार भी रह रहे थे। पटाखे क्षमता से अधिक पाए गए। घरों में चूल्हे जलाने के लिए सिलिंडर का प्रयोग भी समीप ही हो रहा था। इससे जहां आग लगने का खतरा था, वहीं जान भी जा सकती थी। यह लाइसेंस के नियमों का उल्लंघन था। दुकानदार कोई जवाब नहीं दे सका। गोदाम पर बिक्री को रोक दी गई और थाना सिकंदरा पुलिस को कार्रवाई के लिए लिखा गया।
किनारी बाजार में हुआ था भीषण अग्निकांड
आतिशबाजी का अवैध भंडारण कई बार हादसा करा चुका है। अक्तूबर 2019 में किनारी बाजार में पटाखों से आग लगी थी। बड़ी मात्रा में दुकान में भंडारण था, 11 दुकान और 12 वाहन जल गए थे। 2019 में ही सुल्तानपुरा में लगे पटाखा बाजार में अग्निकांड हुआ था। कई दुकानें जल गई थीं। 2020 में शाहगंज में आतिशबाज के घर में बने गोदाम में विस्फोट हुआ था। इसमें 3 लोगों की मौत हुई थी। इससे पहले सदर में घर में रखी आतिशबाजी से एक ही परिवार के 10 लोग जिंदा जल गए थे। रुनकता में दो बच्चियों की मौत हुई थी। हाईवे पर एत्मादपुर से आतिशबाजी लेकर आ रहे टेंपो में धमाका हुआ था, जिसमें 3 की जान चली गई थी।
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शहर से लेकर देहात तक अवैध गोदाम
पुलिस को सूचना मिली है कि शहर से लेकर देहात तक अवैध गोदाम चल रहे हैं। एत्मादपुर के गांव धोर्रा और नगला खरगा में खेतों में देसी पटाखों का निर्माण शुरू है। लाइसेंस की आड़ में कई लोग अवैध तरीके से आतिशबाजी निर्माण कर रहे हैं। पुलिस के पहुंचने पर अवैध भंडारण करने वाले काम बंद कर चले जाते हैं। बाद में फिर से काम करते हैं। दोनों गांव में पांच लाइसेंस हैं।
बिक्री के स्थान चिह्नित नहीं, मांगी रिपोर्ट
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि शहर में पटाखों की बिक्री के लिए अभी स्थान चिह्नित नहीं हैं। पूर्व में जो स्थान थे, उनको ही प्रमुखता से पटाखों की बिक्री के लिए रखा जाएगा। हालांकि थाना पुलिस से रिपोर्ट मांगी गई है। जल्द ही आवेदन मांगे जाएंगे। लाटरी से आवंटन किया जाएगा। विक्रेताओं को नियमों का पालन करना होगा। उतना ही भंडारण करना होगा, जितना मानक के अनुरूप होगा। जहां पर दुकान होंगी, वहां पर एक दुकान से दूसरी दुकान की दूरी 10 फीट होगी। पानी के अलावा बालू के इंतजाम करने होंगे। गोदाम मालिक भी नियमों का पालन नहीं करेंगे तो लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।