डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही से 48 हजार छात्रों के लिए परेशानी हो गई। बुधवार की पहली पाली की परीक्षा में प्रश्नपत्र अंग्रेजी में छपवाकर केंद्र भेज दिए। इसे देखकर छात्रों ने परीक्षा हल करने में असमर्थता जताते हुए हंगामा किया। इस पर बुधवार की पहली पाली की परीक्षा निरस्त कर दी है।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि 28 सितंबर की पहली पाली में बीएड द्वितीय विषय के नए पाठ्यक्रम के वैकल्पिक विषय में वैल्यू एजुकेशन, इनवायरमेंटल एजुकेशन, गाइडेंस एंड काउंसेलिंग, हेल्थ एंड फिजीकल एजुकेशन प्रश्नपत्र की परीक्षा थी।
प्रश्नपत्र अंग्रेजी में ही छप गया, जबकि अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में प्रश्नपत्र छपवाते हैं। केंद्रों पर नोडल प्रभारियों ने इसकी जानकारी दी कि परीक्षार्थियों ने अंग्रेजी में छपे प्रश्नपत्र को देखकर परीक्षा करने में असमर्थता जताई है। विरोधस्वरूप कई केंद्रों पर हंगामा भी किया। इस पर आगरा और अलीगढ़ मंडल के केंद्रों की परीक्षा निरस्त कर दी है, जल्द नई तिथि जारी की जाएगी।
431 कॉलेजों के 48315 परीक्षार्थी हुए थे शामिल
बीएड की परीक्षा 23 सितंबर से शुरू हुई थी। इसमें 431 कॉलेजों के 48315 छात्र परीक्षा दे रहे हैं। सुबह की पाली में प्रश्नपत्र अंग्रेजी में देखकर छात्र चौंक गए। नोडल केंद्र प्रभारी से इसकी शिकायत की और कहा कि इसमें हिंदी में प्रश्न नहीं लिखे हैं। इस पर छात्रों ने पेपर हल करने से मना कर दिया। विरोध होते हुए देख परीक्षा संपन्न होने के बाद करीब 10 बजे पेपर निरस्त किया।