कासगंज। अग्निपथ योजना के समर्थन में पूर्व सैनिक संगठन ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी हर्षिता माथुर को दिया है। पूर्व सैनिक संगठन ने योजना की सराहना की और युवाओं से योजना का लाभ उठाने के लिए आगे आने का आह्वान किया। इसी के साथ ही पूर्व सैनिक संगठन ने भारत सरकार से अनुरोध किया कि अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए दिए जा रहे आश्वासन सरकारी नियम के रूप में बनाए जाएं। जिससे युवा अपनी आजीविका कमाने के लिए सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार प्राप्त कर सकें। अग्निवीरों को शहीद का दर्जा दिए जाने और उनके माता-पिता को शहीद के माता-पिता होने के साथ-साथ सुविधाओं, कैंटीन, मेडिकल सुविधा आदि देेने का सुझाव दिया।
पूर्व सैनिक संगठन के जिलाध्यक्ष कैप्टन धर्मेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि वर्तमान भर्ती योजना के अनुसार भारतीय सशस्त्र बल एक युवा सेना से थोड़ा आगे है। एक सैनिक की औसत आयु 25 से 35 वर्ष के बीच है। जो उन्हें आदर्श युद्धक बल नहीं बनाते। युद्ध आदि के दौरान बॉर्डर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की आदर्श आयु 25 वर्ष से काम मानी जाती है और अग्निपथ योजना में अग्निवीरों की आयु 17.5 वर्ष से 21 वर्ष कर दी है। प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद तैनाती के समय इनकी आयु 18 वर्ष से 21.5 वर्ष तक होगी। यह उम्र सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए अच्छी है।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि चार साल तक अग्निवीर के रूप में कर्तव्य पूरा करके युवक अनुशासित नागरिक के रूप में सामने आएंगे और समग्ररूप से समाज के उत्थान के लिए सकारामक योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना के खिलाफ देश के कुछ हिस्सों में हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुई हैं वह निंदनीय है। इस दौरान कैप्टन आरके चौहान, फुलवारी लाल, ओम बाबू शर्मा, अनार सिंह, तिलक सिंह, पदम सिंह, डालचंद, अरविंद, रामपाल, ओमप्रकाश मौजूद रहे।