आगरा। युवक की हत्या कर शव को चंबल नदी में फेंकने के मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों की कड़ियां आपस मिल नहीं जुड़ सकीं। जिला जज संजय कुमार मलिक ने साक्ष्य के अभाव में राजस्थान धौलपुर के राजाखेड़ा निवासी आरोपी बनिया उर्फ नरेंद्र, और थाना मनसुखपुरा के गांव करकोली निवासी धर्मेंद्र को बरी करने के आदेश दे दिए।
थाना मनसुखपुरा में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, गांव करकोली निवासी चौकीदार बंटी ने 6 दिसंबर 2014, को तत्कालीन थानाध्यक्ष मनसुखपुरा को चंबल नदी के किनारे अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की जानकारी दी थी। पुलिस ने पंचायतनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। शिनाख्त कल्याण सिंह ने अपने भाई रामरथ उर्फ रामा के रूप में की थी। रामरथ को अंतिम बार भैंस खरीदने के लिए आरोपी बनिया उर्फ नरेंद्र, धर्मेंद्र के साथ जाते हुए देखा गया था। संवाद