मैनपुरी। जिले में अनिवार्य शिक्षा अधिनियम लागू है। जिलाधिकारी के निर्देश पर नवीन शिक्षा सत्र में छह से 14 साल के प्रत्येक बच्चे का स्कूल में नामांकन कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए स्कूल चलो अभियान शुरू कर दिया गया है। खंड शिक्षाधिकारियों के नेतृत्व में चलने वाले अभियान की बीएसए द्वारा निगरानी की जा रही है। शिक्षक घर-घर पहुंचकर ड्रॉप आउट बच्चों का पता लगाएंगे।
शासन से अनिवार्य शिक्षा अधिनियम लागू किया गया है। इसके तहत छह से 14 साल के प्रत्येक छात्र-छात्रा को शिक्षा ग्रहण कराना अनिवार्य है। एक अप्रैल से नवीन शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है। 30 अप्रैल तक शिक्षक- शिक्षिकाएं घर-घर जाकर छह से 14 साल के छात्र-छात्राओं को चिह्नित करेंगे। उनका स्कूलों में नामांकन कराया जाएगा। जो बच्चे पहले से घर पर बैठे हैं ऐसे बच्चों को ड्रॉप आउट की सूची में शामिल किया जाएगा। इनको शिक्षा की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए विशेष शिक्षण कार्य चलेगा।
मुख्यमंत्री के भाषण से शुरू हुआ अभियान
सोमवार को जिलेभर में स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ हुआ। शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऑनलाइन किया। जिले के सभी परिषदीय स्कूलों में छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने मुख्यमंत्री का भाषण सुना। बीएसए कमल सिंह ने खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे मुख्यमंत्री के प्राथमिकता वाले कार्यक्रम पर नजर रखें। कोई बच्चा स्कूल में नामांकन से छूटना नहीं चाहिए।
छह से 14 साल के सभी बच्चों को अनिवार्य शिक्षा का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए प्रधानाध्यापकों, संकुल शिक्षकों को गांव-गांव रैलियां निकालने और ड्रॉप आउट बच्चों के चिन्हांकन के निर्देश दिए गए हैं। अभिभावक भी सहयोग करें।
सर्वेश कुमार, खंड शिक्षाधिकारी
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शिक्षा सभी छात्र-छात्राओं का अधिकार है। छह से 14 साल के प्रत्येक बच्चे को प्राथमिक और जूनियर स्तर की शिक्षा मिलनी चाहिए। अनिवार्य शिक्षा के अधिकार का सभी को लाभ दिया जाए। इसके लिए विभाग के प्रयत्न सराहनीय हैं।
ऊषा त्रिपाठी, सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापिका
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अभिभावकों से अपील है कि वे छह से 14 साल के बच्चे का नजदीकी स्कूल में नामांकन कराएं। यहां नि:शुल्क शिक्षा के साथ ही पाठ्यपुस्तकें भी मिलती हैं। यही नहीं बच्चों के लिए नि:शुल्क ड्रेस और बैग की भी व्यवस्था है।
हरेंद्र बैस, सहायक शिक्षक
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स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ हो चुका है। छह से 14 साल के प्रत्येक बच्चों का स्कूलों में नामांकन कराया जाएगा। अभिभावक इस अभियान में सहयोग प्रदान कर पाल्यों को शिक्षा का अधिकार अवश्य दिलाएं।
अभय चौधरी, सहायक शिक्षक