निजी चिकित्सकों के यहां बढ़ रही भीड़
शहर से देहात तक बुखार का प्रकोप फैला हुआ है। रविवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी बंद रहने से निजी चिकित्सकों के यहां और ज्यादा भीड़ नजर आई। स्थिति यह रही कि बेड न होने पर मरीजों को ब्रेंच पर लिटाकर ड्रिप चढ़ाई गई।
झोलाछापों की कट रही चांदी
इन दिनों झोलाछापों की चांदी कट रही है। गांव-गांव बीमारी फैली हुई है। गांवों में डिग्रीधारी चिकित्सक नहीं हैं। सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाएं किसी से छिपी नहीं हैं। ऐसे में लोग झोलाछापों के पास पहुंच रहे हैं। कहीं खुले आसमान में तो कहीं पेड़ों के नीचे मरीजों को खटिया और ब्रेचों पर लिटाकर ड्रिप चढ़ाई जा रही हैं।
प्रतिबंधित दवा का हो रहा प्रयोग
बीते दिनों सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बिल्सड़ गांव का दौरा किया था। उन्होंने बुखार पीड़ितों के पर्चे देखे तो वहां एक प्रतिबंधित दवा पर्चे पर लिखी मिली। सीएमओ ने ग्रामीणों को बताया यह दवा नहीं खानी चाहिए। इस दौरान झोलाछाप वहां दुकानें बंद कर भाग गए।
सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बताया कि जिस गांव से बुखार की सूचना आती है। वहां टीम भेजकर कैंप कराया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज सहित सभी सीएचसी पर मरीजों को भर्ती करने की पूरी व्यवस्थाएं है। लोगों से अपील है कि झोलाछाप के यहां उपचार न कराएं। सरकारी अस्पतालों से जांच कराकर दवा लें।