एटा जिले के 41 गांवों को कुपोषण से आजादी मिलेगी। केंद्र व प्रदेश सरकार के निर्देश पर चल रहे कुपोषण मुक्ति अभियान के तहत जिले के इन गांवों में कुपोषण का पूरी तरह से खात्मा हो चुका है।
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अभियान के तहत गांवों में कुपोषण मुक्ति के सत्यापन को अधिकारियों की टीम लगाई गई है। 15 अगस्त से पहले सत्यापन पूरा होते ही इन गांवों को कुपोषण मुक्त घोषित कर दिया जाएगा।
जिले में बाल विकास विभाग द्वारा खुले में शौच मुक्त अभियान की तर्ज पर कुपोषण मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 100 गांवों में कई बिंदुओं पर सर्वे चल रहा है।
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मगर अनिवार्य दो बिंदुओं के आधार पर 41 गांव ऐसे सामने आए हैं, जोकि कुपोषण मुक्त होन की राह पर हैं। इन गांवों में कोई भी बालक अतिकुपोषित नहीं है। साथ ही गर्भवती महिलाओं को दवाओं का वितरण हो रहा है, वो एनीमिक नहीं है।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर समुचित देखरेख के बाद विभाग ने गांवों को कुपोषण मुक्त करने का फैसला किया। इन गांवों के प्रथम सत्यापन के लिए अधिकारियों को नामित कर दिया गया है।
15 अगस्त से पहले अधिकारी कुपोषण मुक्त को लेकर रिपोर्ट देंगे। जिसके बाद इन गांवों को कुपोषण मुक्त घोषित किया जाएगा।विभागीय अधिकारियों की मानें तो कुपोषण मुक्त गांवों में सरकार की विकास योजनाओं को लेकर तेजी से काम किए जाएंगे।
कुपोषण मुक्त होने के बाद गांव के बाहर बोर्ड लगाया जाएगा। जिसमें कुपोषण मुक्त गांव होने का जिक्र किया जाएगा। इस अभियान में सहभागिता करने वाले कर्मचारियों को भी सम्मानित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
डीपीओ सत्यप्रकाश का कहना है कि कुपोषण मुक्त अभियान के तहत 41 गांवों चयनित किए जा चुके हैं। इन गांवों में अधिकारियों का सत्यापन करना है। 15 अगस्त तक गांव कुपोषण मुक्त घोषित कर दिए जाएंगे।