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Agra News: ईएसआई-सैन्य अस्पताल में सेंधमारी, बैच-लाइसेंस नंबर से खुलेगा राज

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छापे में मिली दवाएं। 
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आगरा। दवा माफिया ने ईएसआई और सैन्य अस्पताल में सेंधमारी कर ली है। इसको शासन ने गंभीरता से लिया है। ये दवाएं किस सैन्य अस्पताल और ईएसआई अस्पताल की हैं। इसका खुलासा बैच-लाइसेंस नंबर से होगा। औषधि विभाग ने रिपोर्ट बनाकर शासन और सेना मुख्यालय को भेज दी है।
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औषधि विभाग के लखनऊ मुख्यालय की टीम ने सैंपल, ईएसआई अस्पताल, एक्सपायर्ड दवाएं और सैन्य अस्पताल की करीब दो करोड़ रुपये की दवाएं पकड़ी हैं। इसमें हृदय रोग, जुकाम-खांसी, बच्चों के सिरप, पेट रोग, मधुमेह, थायराइड, दर्द निवारक, एलर्जी समेत अन्य जनरल मेडिसिन हैं। ईएसआई और सैन्य अस्पताल की दवाएं उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मध्यप्रदेश की होने की आशंका है। अधिकारियों का कहना है कि इसके रैकेट को पकड़ने के लिए विशेष जांच टीम भी बन सकती है। इसके लिए औषधि विभाग ने जब्त दवाओं के मार्केटिंग और निर्माता कंपनी का नाम, लाइसेंस नंबर, एमआरपी, बैच नंबर, निर्माण तिथि, एक्सपायर्ड तिथि, सॉल्ट, दवा का रंग समेत और अन्य जानकारी की रिपोर्ट बनाकर शासन और सेना मुख्यालय को भेजी है। इसके बैच नंबर से पता चल सकेगा कि ये दवाएं किस अस्पताल के लिए जारी की गई थीं। सहायक आयुक्त औषधि बृजेश यादव ने बताया कि छापे में मिली सरकारी, सैंपल और एक्सपायर्ड दवाओं की रिपोर्ट शासन को भेज दी हैं।

अस्पताल-फिजिशियन सप्लाई मिटाकर प्रिंट करते नया लेवल
- औषधि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गोदाम और मेडिकल फर्म में सैंपल, सरकारी और एक्सपायर्ड दवाओं की री-प्रिंटिंग कर बाजार में खपाने का अवैध धंधा पकड़ा है। ये दवाएं देश और विदेश की नामी कंपनियों की हैं। इन दवाओं पर अस्पताल, फिजिशियन सप्लाई और नॉट फॉर सेल को मिटाकर इन पर कीमत का नया लेवल प्रिंट लगाया जाता हैं। इसको फुटकर विक्रेता और हॉकर के जरिये दूसरे राज्यों में खपाया जाता हैं।
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छापे में मिली दवाएं। 

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