इस पर मेहता ने लेदर पार्क योजना का ब्योरा और भविष्य की संभावनाओं पर ड्राफ्ट मांगा है। किरावली के गांव महुअर में लेदर पार्क बनाने की घोषणा बसपा सरकार के दौरान साल 2008 में हुई थी। यूपीएसआईडीसी ने 1100 एकड़ अधिग्रहण के बाद काम शुरू किया था, लेकिन पर्यावरण को लेकर मामला एनजीटी में चला गया। 13 साल से मामला कोर्ट में है।
नीरी ने देखा कुबेरपुर में कचरा निस्तारण
नीरी के वैज्ञानिक डॉ. एसके गोयल ने कुबेरपुर लैंडफिल साइट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यहां जमा पुराने साढ़े 8 लाख मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण के लिए की जा रही बायोमाइनिंग को देखा। यहां नगर निगम के पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने नीरी टीम को बताया कि 31 मार्च तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा। अब तक लगभग 7 लाख मीट्रिक टन कचरा निस्तारित हो चुका है।