आगरा। साइबर क्राइम थाने में मैकेनिकल इंजीनियर नितिन प्रसाद ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि साइबर अपराधियों ने न्यूजीलैंड में अच्छे पैकेज पर नौकरी का लालच देकर उनसे 2.88 लाख रुपये ले लिए। पुलिस आरोपियों के खातों और नंबरों के आधार पर तलाश कर रही है।
दयालबाग के सिकंदरपुर, मेहरबाग निवासी नितिन प्रसाद निजी कंपनी में मैकेनिकल इंजीनियर हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 3 जुलाई को उनके पास ई-एस न्यूजीलैंड नाम से शिपिंगलेकरॉक्सफिल्स.एफआर आईडी से मेल आई। उसमें न्यूजीलैंड में आकर्षक वेतन पर नौकरी का ऑफर था।
उन्होंने मेल के जवाब देकर रुचि दिखाई। इसके बाद उनके पास एक नंबर से डॉ. सर इरिक फिलिप्स नाम के व्यक्ति की कॉल आई। उन्होंने व्हाट्सएप पर नौकरी का ऑफर लेटर दिया और योगेश सिरोल नाम के व्यक्ति की ओर से संपर्क करने की जानकारी दी। योगेश ने ईमेल पर शैक्षणिक दस्तावेज और अन्य जानकारी ली।
इसके बाद प्रोसेसिंग फीस के नाम पर दो बार में 2.88 लाख रुपये ले लिए। वीजा नहीं मिलने पर उन्होंने संपर्क किया तो आरोपी और रकम की मांग करने लगे। साइबर ठगी का अहसास होने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की। थाना प्रभारी साइबर क्राइम का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों के ईमेल, खातों और नंबरों के आधार पर तलाश की जा रही है।
इन बातों का रखें ध्यान
विदेश में नौकरी, वीजा या आकर्षक पैकेज का लालच देकर ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। किसी भी अनजान ईमेल, कॉल या व्हाट्सएप संदेश पर तुरंत विश्वास न करें। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, डोमेन और पंजीकरण की स्वतंत्र रूप से जांच करें। प्रोसेसिंग फीस, वीजा, बीमा या बायोमेट्रिक के नाम पर निजी खातों में पैसे जमा न करें। संदिग्ध ईमेल आईडी और मोबाइल नंबरों से सावधान रहें। ऑफर लेटर की सत्यता संबंधित दूतावास या आधिकारिक पोर्टल से सत्यापित करें। ठगी का संदेह होते ही 1930 हेल्पलाइन या साइबर क्राइम पोर्टल पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।