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UP: दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर में भी खेल...इस गिरोह की हरकत जान चकरा जाएंगे; STF ने दो दबोचे

Fri, 21 Feb 2025 10:16 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के चेसिस और इंजन नंबर को चोरी के वाहनों पर डालने के बाद बेच दिया जाता था। इस गैंग के दो शातिरों को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। 
 
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शातिर गिरफ्तार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा में एसटीएफ ने दिल्ली से चोरी की गाड़ियों को लाकर चेसिस और इंजन नंबर बदलकर बेचने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है। वह दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को बीमा कंपनियों से खरीदते थे। उनका चेसिस और इंजन चोरी के वाहनों में लगा देते। हर गाड़ी पर उन्हें पांच से छह लाख तक का फायदा होता था। आरोपियों से दो गाड़ी भी बरामद की गई है।
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एसटीएफ आगरा यूनिट के निरीक्षक हुकुम सिंह के मुताबिक, पुष्पांजलि गार्डनिया, सेक्टर 16, आवास विकास काॅलोनी निवासी आकाश सिंह और नई आबादी, कर्बला, न्यू आगरा निवासी अब्दुल समद को सिकंदरा क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आकाश मूलरूप से गांव सेरापार, थाना हिसामुद्दीन जिला बस्ती का निवासी है।

 

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह बीमा कंपनियों से उन वाहनों को खरीदते थे, जो दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। इनका कंपनी क्लेम पार्टी को दे चुकी होती है। इनका जैसा ही माॅडल दिल्ली के बाजार से लेकर आते थे। इस पर बीमा कंपनी से ली गई गाड़ी के चेसिस और इंजन नंबर डाल देते थे। यह दोनों उन्हें 7 से 8 लाख रुपये में पड़ जाती थीं। नंबर बदली गई गाड़ी को 12 से 14 लाख तक में बेच देते थे। पंजीकरण, इंजन और चेसिस नंबर वास्तविक होने के कारण वह पकड़ में नहीं आती थी। ऑनलाइन चेक करने पर पूरी जानकारी मिल जाती थी। इससे खरीदने वाले उन पर विश्वास कर लेते थे।

 
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एक आरोपी है मैकेनिक
आरोपियों से दो टाटा सफारी बरामद की गई हैं। आकाश ने एक टाटा दिल्ली के बाजार से खरीदी थी, जबकि दूसरी दुर्घटनाग्रस्त टाटा सफारी जयपुर से लेकर आया था। वह दोनों अब तक 7 गाड़ी बेच चुके हैं। अब्दुल समद मैकेनिक है। वह गाड़ियों का काम करता है। वह दुर्घटनाग्रस्त व चोरी की गा़ड़ियों के पार्ट्स गैराज में बेच देते थे। इससे उन्हें अच्छा लाभ होता था।
 
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