आगरा के राजामंडी स्थित लाभचंद्र मार्केट के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 14 फरवरी तक पैमाइश कर अतिक्रमण ध्वस्त करने के आदेश दिए थे। मियाद खत्म होने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई है। जिलाधिकारी अरविंद बंगारी का कहना है कि रिपोर्ट तैयार हो गई है। कुछ बिंदुओं पर विशेषज्ञों से राय ली जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराया जाएगा।
अमरजोत सिंह सूरी बनाम प्रदीप कुमार जैन मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 3 फरवरी को स्पष्ट किया था कि लाभचंद्र मार्केट का वह हिस्सा जो राजस्व रिकॉर्ड में सड़क के रूप में दर्ज है, उसे हर हाल में सार्वजनिक उपयोग के लिए बहाल किया जाए। न्यायालय ने कहा था कि किरायेदारी शुरू होने से पहले सड़क का अस्तित्व था या नहीं, इसका निर्णय समकालीन राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर किया जाए।
न्यायालय ने जिलाधिकारी को दो सप्ताह के भीतर सीमांकन पूरा कर सड़क और फुटपाथ को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त करने के आदेश दिए थे। इसके बाद 10 फरवरी को एडीएम प्रोटोकॉल प्रशांत तिवारी, एडीएम नागरिक आपूर्ति अजय नारायण, एसडीएम सदर सचिन राजपूत और सहायक अपर नगरायुक्त श्रद्धा पांडेय की संयुक्त टीम ने लाभचंद्र मार्केट की भूमि और सड़क का सीमांकन कराया था। राजामंडी बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक जैसवानी ने बताया कि कोर्ट के आदेश के 19 दिन और पैमाइश हुए 12 दिन बीत गए लेकिन अब तक अतिक्रमण पर कार्रवाई नहीं की गई है।