आगरा के थाना सदर में युवक ने असम राइफल्स में हवलदार और उसकी पत्नी पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का आरोप लगाया है। अदालत के आदेश पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मलपुरा क्षेत्र के ग्राम ककरारी निवासी विनोद कुमार ने सीजेएम के समक्ष प्रार्थनापत्र दिया था। बताया कि सैंया के नगला तेजा निवासी त्रिलोक चंद पाराशर असम राइफल्स में हवलदार हैं। वर्तमान में पत्नी मीना देवी के साथ सदर की ओम साईं स्टेट कॉलोनी में रहते हैं। आरोप है कि त्रिलोक चंद पाराशर ने अक्तूबर 2019 में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 12 लाख रुपये की मांग की। 16 मार्च 2020 को वह 11 लाख रुपये नगद लेकर उनके घर पहुंचे, जहां हजारीलाल व राकेश बघेल की मौजूदगी में रकम मीना देवी को दी गई।
अक्तूबर 2020 में आरोपियों ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) मनसा, पंजाब में सुपरवाइजर पद का नियुक्तिपत्र दिया। सत्यापन पर पत्र फर्जी निकला। इसके बाद 10 फरवरी 2021 को सैनिक अभियंता सेवा (एमईएस) सीडब्ल्यूई रांची, झारखंड में माली पद का नियुक्तिपत्र दिया गया, वह जांच में कूटरचित पाया गया।
विनोद कुमार का आरोप है कि गत 6 जुलाई को रुपये मांगने पर आरोपियों ने मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस के कार्रवाई न करने पर अदालत की शरण ली गई। थाना प्रभारी का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।