मैनपुरी। कोरोना काल में श्रमिकों को रोजगार देना प्रशासन की प्राथमिकता में है। इसी के चलते मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया ने मनरेगा के तहत तालाबों की खोदाई कराने की पहल की है। इससे श्रमिकों को जहां रोजगार मिलेगा वहीं दूरगामी परिणाम के रूप में बारिश के जल से भूगर्भ जल का भंडार भी बढ़ेगा। सीडीओ ने सभी खंड विकास अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं।
जिले की सभी 549 ग्राम पंचायतों में औसतन तीन से चार तालाब हैं। इनमें से आधे तालाब बदहाली का शिकार हैं। वहीं गांवों में श्रमिकों के लिए रोजगार भी नहीं हैं। मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया ने श्रमिकों की मेहनत से तालाबों को पुनर्जीवित करने की पहल की है। मनरेगा के तहत श्रमिकों को रोजगार देकर इन तालाबों की खोदाई कराई जाएगी। इससे श्रमिकों को घर में ही रोजगार मिलेगा वहीं तालाबों की सूरत भी बदल जाएगी। इतना ही नहीं आने वाली बारिश में ये तालाब जल संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएंगे। बारिश में एकत्रित जल भूगर्भ जल स्तर को बढ़ाएगा। इस कार्य को शुरू कराने के लिए खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। प्राथमिकता पर प्रत्येक ब्लॉक में पांच-पांच तालाबों को चिह्नित कर काम शुरू करा दिया गया है। कुल नौ ब्लॉकों में वर्तमान में 28 तालाबों पर काम शुरू हो चुका है। जल्द ही बड़ी संख्या में तालाबों पर काम शुरू हो जाएगा।