सख्त सजा दिलाने की थी मांग
मामला सेशन कोर्ट के सुपुर्द होकर सुनवाई को अपर जिला जज एवं विशेष जज पास्को एक्ट प्रथम अरविंद कुमार यादव द्वितीय के न्यायालय में पहुंचा। शासन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक कमल सिंह ने आरोपी शादीशुदा होने के साथ दो बच्चों का पिता था। जबकि मृतक बालिका नाबालिग थी।
इसके कारण उसे सख्त सजा दिलाने के लिए हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के कई उदाहरण पेश किए। अपर जिला जज अरविंद कुमार यादव द्वितीय ने फाइल पर उपलब्ध साक्ष्य,गवाहों के बयान एवं घटना की वीभत्सता को ध्यान में रखते हुए दोषी वीरेंद्र कुमार बघेल को हत्या एवं दुष्कर्म के मामले में फांसी की सजा सुनाई है।
जज ने दिया ये आदेश
उन्होंने कहा कि दोषी को तब तक फंदे पर लटकाया जाए जब तक उसका दम नहीं निकल जाए। धारा 363 एवं 201 में सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा एवं पांच-पांच हजार का अर्थदंड लगाया है। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद भी दोषी के चेहरे पर कोई शिकन दिखाई नहीं दी। जबकि न्यायालय के बाहर उसके माता-पिता सजा सुनकर बिलखने लगे। पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच उसे जेल भेज दिया।
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