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भारत के एकमात्र हाथी बचाव केंद्र को नोटिस मिला

Wed, 05 Dec 2018 02:31 PM IST
भाषा, आगरा
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मथुरा में एक एनजीओ द्वारा संचालित भारत के एकमात्र हाथी बचाव केंद्र को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) से नोटिस मिला है। नोटिस में इसकी वैधता को लेकर सवाल उठाया गया है।
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केंद्रीय वन्यजीव अधिनियम 1972 के तहत सभी चिड़ियाघरों को सीजेडए से पूर्व अनुमति लेनी होती है। नोटिस के अनुसार एनजीओ वाइल्डलाइफ एसओएस ने पूर्व अनुमति नहीं ली थी।

वाइल्डलाइफ एसओएस के एक प्रवक्ता ने हालांकि स्पष्टीकरण दिया कि उनका केंद्र कोई चिड़ियाघर नहीं है और उनका अभियान उत्तर प्रदेश वन विभाग के सहयोग से चल रहा है।
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पशु अधिकार कार्यकर्ताओं नरेश कादयान और गौरी मौलेखी की शिकायत के बाद यह नोटिस जारी किया गया। दोनों ने प्राधिकरण से शिकायत कर उल्लंघन का आरोप लगाया था। 
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उन्होंने कई गतिविधियों को सूचीबद्ध किया है, जिनमें वेबसाइट के माध्यम से धन संग्रह से लेकर आगंतुकों से कीमत वसूलने जैसी गतिविधियां शामिल हैं जो निर्धारित मानदंड का उल्लंघन करता है।

नोटिस पर प्राधिकरण के सदस्य सचिव डॉ. डी एन सिंह के दस्तखत हैं, जो कुछ ही दिन पहले सेवानिवृत्त हुए हैं। पीटीआई-भाषा से बात करते हुए कादयान ने कहा कि आगरा में भालुओं का केंद्र भी अवैध है। उन्होंने बताया कि हाथियों के केंद्र ने नियमों का पालन नहीं किया।

इसके अलावा वेबसाइट पर कई लोगों को पशुओं के बच्चों के साथ खेलते हुए और तस्वीरें खिंचाते हुए दिखाया गया है। कादयान ने आरोप लगाया कि भालुओं को खरीदा और बेचा जाता है जो स्वीकार्य नहीं है। यह एनजीओ आगरा में भालुओं के लिये भी एक केंद्र चलाता है।
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