आगरा में पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के 42 जिलों की बिजली व्यवस्था का निजीकरण करने की प्रक्रिया के खिलाफ बिजली कर्मचारियों ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किए। गैलाना रोड स्थित चीफ इंजीनियर कार्यालय और फतेहाबाद में अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर किए गए प्रदर्शन में बिजली कर्मचारियों ने 29 मई से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का एलान किया है।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने आरोप लगाया कि पावर कॉरपोरेशन चेयरमैन आंकड़ों का फर्जीवाड़ा कर बढ़ा चढ़ा कर घाटा दिखा रहे हैं। वह निजी घरानों की मदद कर रहे हैं। बताया कि निजीकरण के विरोध में 21 मई से 28 मई के बीच हर दिन दोपहर दो बजे से शाम 5 बजे तक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 29 मई से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया जाएगा। कॉरपोरेशन को इसका नोटिस दिया जा चुका है। बिजली कर्मचारियों ने दोनों जगह प्रदर्शन में सरकार विरोधी नारेबाजी की और गेट पर ही धरने पर बैठे रहे।
निजीकरण से हर साल 274 करोड़ रुपये का नुकसान
संघर्ष समिति उपाध्यक्ष प्रभात सिंह ने कहा कि आगरा में निजीकरण से हर साल पावर कॉरपोरेशन को 274 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। पावर कॉरपोरेशन 5.55 रु प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद कर निजी कंपनी टोरंट पावर को 04.36 रु प्रति यूनिट में दे रही है।