राणा सांगा पर विवादित टिप्पणी के मामले में समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके खिलाफ दाखिल प्रार्थनापत्र खारिज कर दिया है।
हाथरस में एमपी/एमएलए कोर्ट दीपकनाथ सरस्वती के न्यायालय ने समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के विरुद्ध दाखिल प्रार्थनापत्र को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि जब विपक्षी संसद में कहे कथनों के लिए किसी भी न्यायालय की कार्यवाही से संरक्षण प्राप्त व्यक्ति है तो उसके द्वारा कोई संज्ञेय अपराध कारित किया जाना प्रतीत नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
प्रार्थना पत्र में सपा सांसद पर महाराणा सांगा पर अमर्यादित टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था। उल्लेखनीय है कि थाना हाथरस गेट क्षेत्र के गांव हतीसा निवासी मतेंद्र सिंह गहलोत ने एमपी/एमएलए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने जानबूझकर उनके और उनके समाज के पूर्वज महाराणा संग्राम सिंह उर्फ राणा सांगा को राज्यसभा में गद्दार बताया था।
आरोप लगाया कि इसके बाद रामजीलाल सुमन ने 22 मार्च 2025 को अपने कथन पर मांगे स्पष्टीकरण में पुनः सोशल मीडिया के माध्यम से सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने, जातीय संघर्ष फैलाने, सस्ती लोकप्रियता बटोरने की खातिर भड़काऊ बयान देकर भावनाओं को आहत करने के इरादे से सदन में दिए गए वक्तव्य को सही बताकर अपनी टिप्पणी की पुष्टि की थी।