मैनपुरी। ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी से दुकान में लगी आग के मामले में दुकानदार द्वारा दायर की गई याचिका पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने पीड़ित को 1.50 लाख रुपया मुआवजा देने का आदेश विद्युत विभाग को दिया है। इस धनराशि पर पांच प्रतिशत ब्याज भी दिया जाएगा। विद्युत विभाग द्वारा भेजा गया 45910 रुपये का बिजली बिल भी निरस्त कर दिया है।
रेलवे स्टेशन बाईपास रोड निवासी सुनील कुमार गुप्ता ने अपनी दुकान में विद्युत विभाग से एक कनेक्शन 16 मार्च 2015 को कराया था। 18 जून 2015 की शाम चार बजे दुकान के पास रखे ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी से दुकान में आग लगने से उसका काफी नुकसान हो गया। फायर सर्विस विभाग ने 2.50 लाख रुपये के नुकसान का आकलन किया। उसने मुआवजा पाने के लिए विद्युत विभाग में आवेदन किया। लेकिन उसके आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सुनील कुमार गुप्ता ने अपने अधिवक्ता सुभाषचंद्र चेत के माध्यम से जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में याचिका दायर की। उसने आयोग में सभी प्रमाण और साक्ष्य प्रस्तुत किए। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष सुभाषचंद्र कुलश्रेष्ठ, सदस्य देवेंद्र गुप्ता ने दोनों पक्षों को सुना। आयोग ने पीड़ित को 1.50 लाख रुपये पांच प्रतिशत ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए हैं। विद्युत विभाग द्वारा भेजा गया 45910 रुपये का बिजली बिल भी निरस्त कर दिया है।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष सुभाषचंद्र कुलश्रेष्ठ, सदस्य देवेंद्र गुप्ता ने एक हजार रुपया पीड़ित को वाद व्यय के रूप में देने का भी आदेश दिया है। आदेश में लिखा है पीड़ित को इस धनराशि पर कोई भी ब्याज नहीं दिया जाएगा।