डेयरी मालिक अशोक यादव का आरोप है कि बार-बार गलत बिल भेजकर उन्हें परेशान किया जाता है। इतना ही नहीं, डेयरी फार्म देहात में होने के बावजूद शहरी टैरिफ के अनुसार बिल की वसूली की जा रही है। प्रार्थना पत्र देने के बाद भी गलत बिलिंग ठीक नहीं की जा रही है।
उन्होंने बताया कि पिछली बार तो उन्हें हाईकोर्ट जाना पड़ा था। तब बिल में संशोधन किया गया था। मामले में एसडीओ एत्मादपुर जसवंत सिंह ने बताया कि बिल ऑनलाइन बनते हैं। कंप्यूटर की गड़बड़ी से ऐसा हुआ है। जल्द इसे ठीक करा दिया जाएगा।