10 हजार रुपये मांगी थी रिश्वत
एंटी करप्शन के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार यादव ने बताया कि जितेंद्र ने लाइनमैन विवेक गुप्ता से बात की। आरोप है कि उन्होंने घरेलू की जगह व्यावसायिक कनेक्शन करने के लिए दस हजार रुपये की मांग की। जितेंद्र से पांच हजार रुपये ले लिए। बाकी के पांच हजार रुपये फाइल तैयार करने पर देने के लिए बोल दिया।
जितेंद्र ने 15 अक्तूबर को एंटी करप्शन में शिकायत की। इस पर टीम ने जलाया बिछाया। मंगलवार को जितेंद्र ने कॉल किया तो लाइनमैन ने उसे दोपहर तीन बजे मारुति एस्टेट स्थित दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के कार्यालय बुलाया। जितेंद्र कार्यालय पहुंचे। उनके पास पांच हजार रुपये थे।
नोटों पर विशेष पाउडर भी लगाया गया था। उसने जैसे ही रुपये हाथ में लिए एंटी करप्शन की टीम पहुंच गई। आरोपी को पकड़ लिया। लाइनमैन को जगदीशपुरा पुलिस के हवाले कर दिया। मामले में निरीक्षक संजय कुमार यादव ने मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी को बुधवार को मेरठ कोर्ट में पेश किया जाएगा।