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Agra: सातवीं पास जूता कारखाना संचालक ने भ्रष्टाचारी लाइनमैन को सिखाया सबक, रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़वाया

Tue, 18 Oct 2022 06:59 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आगरा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने मंगलवार को बिजली विभाग के लाइनमैन को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। लाइनमैन विवेक कुमार ने जूता कारखाना संचालक से रिश्वत मांगी थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में की थी। 
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एंटी करप्शन की टीम ने लाइनमैन को किया गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में सातवीं पास जूता कारखाना संचालक जितेंद्र कुमार ने मंगलवार को बिजली विभाग के लाइनमैन विवेक गुप्ता को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़वा दिया। पीड़ित ने तीन दिन पहले एंटी करप्शन में शिकायत की थी। इस पर विभागीय टीम ने जाल बिछाया। मंगलवार को आरोपी लाइनमैन को रंगेहाथ पकड़ लिया गया। उनके खिलाफ थाना जगदीशपुरा में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

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जगदीशपुरा की आवास विकास कॉलोनी निवासी जितेंद्र कुमार ने तीन दिन पहले भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) में शिकायत की। इसमें बताया कि वह सातवीं कक्षा पास है। वह जूता कारखाना में काम करते थे। दो साल पहले खुद ही जूता बनाकर बेचने का काम शुरू किया। इनकी बिक्री ऑनलाइन करने लगे। मगर, कोरोना काल में लॉकडाउन लगने की वजह से काम नहीं चल सका।

उन्होंने शारदा विहार, बोदला में अपना कारखाना खोलने के लिए जिला उद्योग केंद्र में आवेदन किया। इस पर बैंक से दस लाख रुपये का कर्ज मिल गया। पत्नी आशा देवी भी काम संभाल रही थीं। दो महीने से मशीन लगाने का काम चल रहा है। मगर, बिजली का कनेक्शन घरेलू था। 13 अक्तूबर को बिजली विभाग की टीम पहुंची। व्यावसायिक कनेक्शन नहीं होने के कारण काट दिया।

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10 हजार रुपये मांगी थी रिश्वत 

एंटी करप्शन के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार यादव ने बताया कि जितेंद्र ने लाइनमैन विवेक गुप्ता से बात की। आरोप है कि उन्होंने घरेलू की जगह व्यावसायिक कनेक्शन करने के लिए दस हजार रुपये की मांग की। जितेंद्र से पांच हजार रुपये ले लिए। बाकी के पांच हजार रुपये फाइल तैयार करने पर देने के लिए बोल दिया।
 
जितेंद्र ने 15 अक्तूबर को एंटी करप्शन में शिकायत की। इस पर टीम ने जलाया बिछाया। मंगलवार को जितेंद्र ने कॉल किया तो लाइनमैन ने उसे दोपहर तीन बजे मारुति एस्टेट स्थित दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के कार्यालय बुलाया। जितेंद्र कार्यालय पहुंचे। उनके पास पांच हजार रुपये थे। 

नोटों पर विशेष पाउडर भी लगाया गया था। उसने जैसे ही रुपये हाथ में लिए एंटी करप्शन की टीम पहुंच गई। आरोपी को पकड़ लिया। लाइनमैन को जगदीशपुरा पुलिस के हवाले कर दिया। मामले में निरीक्षक संजय कुमार यादव ने मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी को बुधवार को मेरठ कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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भ्रष्टाचारी को सिखाया सबक 

जितेंद्र कुमार का कहना था कि वह सातवीं पास हैं। उन्होंने कभी किसी को रिश्वत नहीं दी। इस बार भी नहीं देना चाहते थे। उन्होंने ऋण लेकर जैसे तैसे अपना काम शुरू किया था। काम करने के लिए बहुत मेहनत की थी। लाइनमैन के रिश्वत मांगने पर सबक सिखाने का फैसला किया। 

इसके लिए एंटी करप्शन के बारे में पता किया। गूगल से कार्यालय के बारे में पता किया। इसके बाद कार्यालय पहुंच गए। उन्हें लग रहा था कि कार्रवाई देर से होगी। मगर, तत्काल टीम बनाई गई। आरोपी को पकड़ लिया गया। वह चाहते हैं कि नियम से उन्हें कनेक्शन मिले।

फाइल बढ़ने का लगता है पैसा

एंटी करप्शन के मुताबिक, आरोपी विवेक गुप्ता ने पीड़ित से कहा था कि वह फाइल आगे बढ़वा देगा। इसका पैसा लगता है। जितेंद्र कुमार से पहले एडवांस में रकम भी ले ली थी। विवेक पर औद्योगिक क्षेत्र की जिम्मेदारी है। उसके खिलाफ अन्य कोई और शिकायत नहीं मिली है। वह कमला नगर का रहने वाला है।
 
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