सेना देश की सुरक्षा के लिए है, न कि राजनीति करने के लिए। छावनी चुनाव में सैन्य कर्मियों की पत्नियों को चुनाव लड़वाया गया। यह सैन्य अधिकारी द्वारा संवैधानिक व लोकतांत्रिक व्यवस्था को सीधे चुनौती है। यह बात वाइस ऑफ आल इंडिया एक्स सर्विसमैन के राष्ट्रीय संयोजक वीर बहादुर सिंह ने यूथ हास्टल में पत्रकारों से कही।
उन्होंने सैन्य अधिकारी पर कैंट बोर्ड चुनाव में एक प्रत्याशी को जिताने के लिए धांधली करने का आरोप लगाया है। कहा, एक हजार वोटों का लालच दिखाकर सैन्य कर्मी की पत्नी को चुनाव में खड़ा किया गया। सरकारी आवासों से ही चुनावी गतिविधियां जारी रखीं। जवानाें को चुनावी कार्यों में लगाया। यह आर्मी रूल्स 20 का उल्लंघन है। केंद्र सरकार में आगरा से एक मंत्री का प्रतिनिधित्व है। बावजूद इसके सैन्य अधिकारी सरकार के खिलाफ काम रहे हैं। पखवाड़े भर पहले प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, रक्षा संपदा महानिदेशक और रक्षा संपदा निदेशक को इस बाबत शिकायती पत्र भेजा जा चुका है। फिर सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने सरकार से मामले की जांच कराने और तब तक गजट नोटिफिकेशन जारी न करने की मांग की है।
महिला अधिकारी से बदसलूकी शर्मनाक
छावनी परिषद की महिला अधिकारी से बदसलूकी की घटना की प्रेसवार्ता में वीर बहादुर ने निंदा की। कहा, वह महिला अधिकारी के साथ हैं। पूर्व पार्षद मलिक अजीम, महेश अग्रवाल, मधु अग्रवाल, नरेश कनौजिया ने भी घटना निंदा की।