आगरा-इटावा नेशनल हाईवे के आसपास के 80 से अधिक गांवों के लोगों को बड़ी सौगात मिलने वाली है। हाईवे के आठ ब्लैक स्पॉट पर आवागमन की सुविधा के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) अंडरपास बनाएगी। निर्माण अगले महीने से शुरू हो जाएगा। साल भर में अंडरपास का निर्माण पूरा हो जाएगा।
एनएचएआई ने इन स्थानों पर अंडरपास की जरूरत बताते हुए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा था। मुख्यालय से सभी ब्लैक स्पॉट पर अंडरपास बनाने की मंजूरी मिल गई है। आठों अंडरपास निर्माण की लागत 200 करोड़ रुपये है। निर्माण के लिए टेंडर भी हो गया है। अगले महीने से अंडरपास बनाने का कार्य शुरू हो जाएगा।
हादसों से बचाया जा सकेगा
123 किमी लंबे आगरा-इटावा हाईवे में अंडरपास नहीं है। इसके दोनों ओर के 80 से अधिक गांवों के लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही थी। हादसे भी हो रहे थे। ब्लैक स्पॉट पर अंडरपास बनाए जाएंगे। लोगाें को आवागमन की सुविधा देकर हादसों से भी बचाया जा सकेगा।
ये भी पढ़ें - UP: लापता बेटी को तलाश करने की ऐसी जिद, पुलिस ने नहीं तो...हाईकोर्ट जा पहुंची मां; वहां से मिली राहत की खबर
निर्माण 2027 तक हो जाएगा पूरा
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर संजय वर्मा ने बताया कि 8 अंडरपास की लागत 200 करोड़ रुपये है। इनमें से 5 अंडरपास हिलवेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, दो एचएस मेहता कंपनी और एक एसकेएस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी निर्माण करेगी। जून 2027 तक इनका निर्माण पूरा हो जाएगा।
इन क्षेत्र में बनेंगे अंडरपास
- मोहम्मदाबाद
- मीठेपुन
- बेनीवाल कट टूंडला
- इंदुमई
- नौशेहरा
- उखरेंड
- मलाजनी
- अरौंज