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Agra News: सुन्नगढ़ी पर गंगा की धारा को परिवर्तित करने की हो रही कवायद

Tue, 10 Jun 2025 10:36 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
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कासगंज। जिले में गंगा की बाढ़ व कटान की आपदा कई वर्षों से चल रही है। जिले की सीमा से जुड़े गंगा के तटीय इलाकों की ओर गंगा की धारा का दबाव है। इस बार गंगा की धारा के दबाव को थामने के लिए अभिनव कवायद शुरू की गई है। सुन्नगढ़ी पर गंगा की धारा को परिवर्तित करने की कवायद में सिंचाई विभाग जुटा हुआ है। यदि धारा का रुख परिवर्तित हुआ तो सुन्नगढ़ी इलाके के 20 से अधिक गांव को बाढ़ की आपदा से बड़ी राहत मिल सकेगी। इसके अतिरिक्त जिले में तीन अन्य स्थानों पर कटान कर रही गंगा की धारा से बचाव को कटानरोधी कार्य करते हुए तटबंध बनाए गए हैं। करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से बाढ़रोधी परियोजनाएं इस माह के अंत तक पूरी होने की उम्मीद हैं।
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जिले में सौ से अधिक गांव पर हर वर्ष बाढ़ का कहर टूटता है और बाढ़ की आपदा में ग्रामीणों को बड़ी तबाही का सामना करना पड़ता है। कई इलाके तो ऐसे हैं जिनसे संपर्क भी कट जाते हैं। सुन्नगढ़ी का इलाका पूरी तरह से बाढ़ में अलग हो जाता है। सिंचाई विभाग इस बार सुन्नगढ़ी इलाके के लिए रास्ते की तैयारी खोजने में जुटा है। जिलाधिकारी मेधा रूपम, एडीएम राकेश पटेल सिंचाई विभाग के बाढ़रोधी कार्यों की निगाहबानी कर रहे हैं। सुन्नगढ़ी के अलावा कादरगंज, बरौना और बरी बगवास पर भी तटबंधों के निर्माण का कार्य तेजी पर है। पिछले तीन वर्षों से इन इलाकों में कटान की बड़ी आपदा का ग्रामीण सामना कर रहे हैं। बरौना गांव का अस्तित्व तो हासिए पर आ गया। गांव के किसानों की खेती की जमीन व आबादी के कुछ इलाके गंगा में कटकर समा चुके हैं। जून माह के अंत में कभी भी जिले में बाढ़ का प्रकोप हो सकता है। ऐसी आशंका को देखते हुए सिंचाई विभाग ने बाढ़ व कटानरोधी कार्यों में पूरी ताकत झोंक दी है।

वर्ष 2010 व वर्ष 2011 में बाढ़ व कटान की बड़ी आपदा का जिले ने सामना किया। सदर तहसील क्षेत्र का गांव भसावली गंगा के कटान में समा गया। गंगा की धारा का प्रवाह दक्षिणी किनारे की ओर लगातार बना हुआ था। ऐसी स्थिति में यहां गंगा की धारा को परिवर्तित करने की कवायद सिंचाई विभाग ने की। गंगा की धारा के परिवर्तन के प्रयास सफल हुए। जिससे भसावली के समीपवर्ती गांव के इलाके सुरक्षित हो पाए।
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सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता शेर सिंह ने बताया कि बाढ़ से बचाव के उपाय तेजी से किए जा रहे हैं। कंट्रोल रूम 15 जून से सक्रिय हो जाएगा जो 31 अक्तूबर तक क्रियाशील रहेगा। सिंचाईखंड कार्यालय में यह स्थापित होगा। इसके लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बाढ़ प्रभारी अधिकारी जितेंद्र कुमार रहेंगे। सहायक बाढ़ प्रभारी अधिकारी नरेंद्र सिंह, नियंत्रण अधिकारी प्रथम व तृतीय सप्ताह के लिए अतीक अंसारी, द्वितीय एवं चतुर्थ सप्ताह के लिए अशरफ हुसैन रहेंगे। इसके अलावा कंट्रोल रूम में तीन पाली में कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है और रिजर्व कर्मचारी नामित किए गए हैं।
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