मथुरा में महिला अपराधों में गिरावट दर्ज की गई है। छेड़खाने के मामलों में 35 और दुष्कर्म के मामलों में 14 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। एडीजी आगरा जोन अनुपमा कुलश्रेष्ठ द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन जागृति का प्रभाव माना जा रहा है। आगरा जोन स्तर से यह डाटा जारी किया गया है।
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय व मथुरा में ऑपरेशन जागृति के नोडल अधिकारी एसपी देहात त्रिगुण बिसेन ने बताया कि महानिदेशक आगरा जोन अनुपमा कुलश्रेष्ठ द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा एवं उनसे संबंधित मुद्दों पर जागरूकता के लिए समुदाय स्तर पर 1 नवंबर 2023 को ऑपरेशन जागृति कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसका मूल उद्देश्य महिलाओं को झूठे मुकदमे दर्ज न कराने को प्रेरित करना है। इस अभियान के तहत यूनिसेफ, पुलिस एवं अन्य विभागों ने एक मंच पर आते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत, मोहल्लों, स्कूल, कॉलेज आदि में जाकर कार्यक्रम आयोजित करते हुए महिलाओं, बालिकाओं, स्कूली छात्र/छात्राओं से संवाद किया। इसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं। मथुरा में महिला अपराधों में गिरावट दर्ज की गई है।
दो वर्ग में की गई समीक्षा
महिला संबंधी अपराधों की समीक्षा जोन स्तर पर दो वर्ग में की गई। पहले वर्ग में 12 अगस्त 2023 से 31 अक्तूबर तक के दर्ज मामले और उनके सापेक्ष 1 नवंबर 2023 से 20 जनवरी 2024 तक के बीच दर्ज मामलों की समीक्षा की गई। इसमें सामने आया कि प्रथम वर्ग में 12 अगस्त 2023 से 31 अक्तूबर तक दुष्कर्म के 21, पॉक्सो एक्ट के 39, छेड़खानी के 72, बहला-फुसलाकर किशोरी/युवतियों को ले जाने के 90 व महिला संबंधी अन्य अपराध 121 दर्ज हुए। इसके सापेक्ष में 1 नवंबर 2023 (ऑपरेशन जागृति की शुरुआत) से 20 जनवरी 2024 तक के दर्ज अपराधों की समीक्षा की गई, जिसमें सामने आया कि जागरूकता के बाद इस अवधि में दुष्कर्म के 18, पॉक्सो एक्ट के 32, छेड़खानी के 47, बहला-फुसलाकर किशोरी/युवतियों को ले जाने के 87 व महिला संबंधी अन्य अपराध 90 दर्ज हुए। इस प्रकार दुष्कर्म के मामलों में 14 और छेड़खानी में 35, पॉक्सो एक्ट में 18 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। दूसरे वर्ग में 1 नवंबर 2022 से 20 जनवरी 2023 तक की अवधि में दर्ज अपराधों की समीक्षा की गई, जिसमें सामने आया कि इस पिछले वर्ष की तुलना में इतनी अवधि में दुष्कर्म के मामलों में 22 और छेड़खानी में 14, पॉक्सो एक्ट में 27 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।